जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में श्रीनगर से जम्मू जा रहे अमरनाथ यात्रियों से भरी एक बस में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि यात्रियों की सूझबूझ और त्वरित बचाव कार्य के कारण सभी 47 यात्री सुरक्षित बच गए।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में अमरनाथ यात्रियों से भरी एक स्लीपर बस में आग लग गई।
- राजस्थान के 47 यात्री, चालक और परिचालक सुरक्षित बचा लिए गए।
- पुलिस, सेना, CRPF और SDRF ने मिलकर त्वरित बचाव अभियान चलाया।
- हादसे के कारणों की जांच के लिए आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है।
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया। श्रीनगर से जम्मू की ओर बढ़ रहे अमरनाथ यात्रियों से भरी एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में राजस्थान के 47 यात्रियों ने मौत को बहुत करीब से देखा, लेकिन समय रहते किए गए बचाव कार्यों के कारण सभी यात्री सुरक्षित हैं।
घटना का विवरण और त्वरित कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर करूल के पास हुई। बस (पंजीकरण संख्या RJ27PC-9921) में सवार यात्री अमरनाथ यात्रा के दर्शन के बाद वापस लौट रहे थे। जैसे ही बस में आग की लपटें उठीं, यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन यात्रियों की सूझबूझ और चालक की तत्परता ने स्थिति को और बिगड़ने से रोक लिया।
बचाव अभियान और सुरक्षा बलों की भूमिका
हादसे की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, CRPF, भारतीय सेना, SDRF और स्थानीय अग्निशमन सेवाओं ने मोर्चा संभाल लिया। स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद से एक समन्वित बचाव अभियान चलाया गया। सुरक्षा बलों ने आग की लपटों के पूरी तरह फैलने से पहले ही सभी 47 यात्रियों, ड्राइवर और कंडक्टर को बस से बाहर निकाल लिया। इस साहसी कार्य के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट की खबर नहीं है।
जांच और यातायात की स्थिति
इस घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे बाद में सुचारू कर दिया गया। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है—क्या यह शॉर्ट सर्किट था या किसी अन्य यांत्रिक खराबी का परिणाम, इसका खुलासा जल्द ही हो जाएगा।