पुरी की प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान भीड़ के दबाव के कारण मची भगदड़ में एक श्रद्धालु की मौत और कई घायल होने की खबर है। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य सरकार से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- पुरी रथ यात्रा के दौरान 'बड़ा डांडा' पर भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई।
- एक श्रद्धालु की मृत्यु की खबर है और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
- ओडिशा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की विशेष बचाव इकाई (SRU) ने 33 लोगों को सुरक्षित निकाला।
- पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य सरकार से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान एक दुखद घटना सामने आई है। पुरी के भव्य 'बड़ा डांडा' (Grand Road) पर भारी भीड़ के दबाव के कारण भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे एक श्रद्धालु की जान चली गई और दर्जनों अन्य लोग घायल हो गए। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नवीन पटनायक की प्रतिक्रिया और सरकार को सलाह
बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि वे इस त्रासदी से अत्यंत दुखी हैं। पटनायक ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार से आग्रह किया कि वे श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भीड़ प्रबंधन में कोई कसर न छोड़ें।
राहत और बचाव कार्य की स्थिति
ओडिशा पुलिस और आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राहत कार्य शुरू कर दिया। ओडिशा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की विशेष बचाव इकाई (SRU) ने आज सुबह से ही भारी भीड़ के बीच फंसे 33 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला है। पुलिस के अनुसार, बचाए गए लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार और ऑक्सीजन सहायता प्रदान की गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा चुनौतियां
विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। विपक्षी भाजपा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह घटना भगवान जगन्नाथ के भक्तों को झकझोर देने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भीड़ के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में 150 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। रथ यात्रा जैसे विशाल आयोजनों में, जहाँ लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं, भीड़ नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रशासन ने दावा किया है कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, लेकिन इस ताजा घटना ने प्रबंधन की प्रभावशीलता पर बहस छेड़ दी है।