पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन और स्कूल वैन की भीषण टक्कर में तीन छात्रों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे ने रेलवे क्रॉसिंग सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ट्रेन और स्कूल वैन की टक्कर में तीन छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई।
- यह हादसा सुबह करीब 7 बजे कर्नसुबर्ण रेलवे क्रॉसिंग पर हुआ।
- केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस घटना की गहन जांच कराने की मांग की है।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर में कर्नसुबर्ण रेलवे क्रॉसिंग पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक ट्रेन ने स्कूल वैन को टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में तीन स्कूली बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे हुई इस घटना ने पूरे इलाके में मातम पसरा दिया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, स्कूल वैन बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। सुबह के समय जब वैन रेलवे ट्रैक पर पहुंची, तब क्रॉसिंग खुली हुई थी। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन ने वाहन को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वैन के परखच्चे उड़ गए। स्थानीय लोगों और बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल बच्चों को मलबे से बाहर निकाला और इलाज के लिए मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, घायल बच्चों में से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतक संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस हादसे के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है। लोग इस बात से बेहद नाराज हैं कि ट्रेन आने के समय क्रॉसिंग गेट खुला कैसे रह गया।
इस दुखद घटना पर केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। मजूमदार ने कहा, "किसी भी जान का नुकसान दुखद है, लेकिन बच्चों की मौत अत्यंत हृदयविदारक है। इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए और मुझे विश्वास है कि रेलवे इस पर अलग से जांच करेगा।"
यह दुखद घटना भारत में रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की कमी को एक बार फिर उजागर करती है। हालांकि भारतीय रेलवे ने मानवरहित क्रॉसिंगों को खत्म करने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं, लेकिन मानवकृत क्रॉसिंगों पर भी मानवीय भूल या तकनीकी खराबी के कारण होने वाले हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। स्कूली वाहनों की सुरक्षा और रेलवे सिग्नलों के आधुनिकीकरण पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।