चेन्नई में त्योहारों के सीजन के दौरान सफाई कर्मचारियों ने बिना अतिरिक्त वेतन और बढ़ते कार्यभार के खिलाफ आवाज उठाई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अतिरिक्त घंटों तक काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है।

मुख्य बातें

  • त्योहारों के कारण कचरे की मात्रा में भारी वृद्धि हुई है।
  • कर्मचारियों को नियमित 8 घंटे से अधिक काम करना पड़ रहा है, लेकिन कोई अतिरिक्त वेतन नहीं मिल रहा है।
  • काम का बोझ प्रति कर्मचारी घरों की संख्या बढ़ने से दोगुना हो गया है।
  • सफाई कर्मियों ने खुले में कचरा फेंकने से बचने की अपील की है।

चेन्नई में त्योहारों के सीजन, विशेष रूप से आदी और पुरात्तसी के तमिल महीनों के दौरान, ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन (GCC) के सफाई कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव देखा जा रहा है। मंदिर उत्सवों, जुलूसों और सार्वजनिक समारोहों के कारण कचरे की भारी मात्रा उत्पन्न हो रही है, लेकिन प्रशासन द्वारा अतिरिक्त कार्यबल तैनात नहीं किया गया है।

टोंडियार्पेट जोन में 16 वर्षों से कार्यरत सफाई कर्मचारी वल्ली ने आरोप लगाया कि उन्हें नियमित आठ घंटे की शिफ्ट के बाद भी कचरा इकट्ठा करना पड़ता है, जिसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त मुआवजा नहीं दिया जाता है। उन्होंने बताया कि कई निवासी कूड़ेदान का उपयोग नहीं करते और गलियों में कचरा फेंक देते हैं, जिससे सफाई का काम और भी कठिन हो जाता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि शहरी स्वच्छता प्रबंधन में त्योहारों के दौरान संसाधनों का अभाव न केवल कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरे में डालता है, बल्कि सार्वजनिक स्वच्छता के लिए भी एक बड़ा संकट पैदा करता है। जब कार्यभार बढ़ता है और मुआवजा नहीं मिलता, तो यह व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।

त्योहारों के दौरान बढ़ते कचरे के प्रबंधन के लिए केवल मौजूदा कर्मचारियों पर निर्भर रहना शहर की स्वच्छता व्यवस्था के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

कर्मचारी संघों ने यह भी आरोप लगाया है कि बैटरी चालित वाहनों (BV) के ड्राइवरों को न केवल ड्राइविंग करनी पड़ती है, बल्कि कचरा उठाने में भी मदद करनी पड़ती है। साथ ही, उन्हें छोटे मरम्मत कार्यों के लिए अपने स्वयं के पैसे खर्च करने पड़ते हैं, जिसका पुनर्भुगतान मिलने में काफी देरी होती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

चेन्नई में स्वच्छता प्रबंधन लंबे समय से शहरी नियोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ रही है, कचरा प्रबंधन की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। त्योहारों के दौरान उत्पन्न होने वाला जैविक और प्लास्टिक कचरा पर्यावरण के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है।

क्या आप जानते हैं?: त्योहारों के दौरान उत्पन्न होने वाला कचरा अक्सर मिश्रित होता है, जिसे अलग करना और रीसायकल करना सामान्य दिनों की तुलना में बहुत कठिन होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. सफाई कर्मचारियों की मुख्य शिकायत क्या है?
मुख्य शिकायत अतिरिक्त कार्यभार, बिना अतिरिक्त वेतन के लंबे समय तक काम करना और बुनियादी सुविधाओं जैसे पीने के पानी और शौचालयों की कमी है।

2. प्रशासन का इस पर क्या रुख है?
GCC अधिकारियों का कहना है कि वे अतिरिक्त कार्यबल तैनात नहीं करेंगे और मौजूदा वार्ड-स्तरीय कर्मचारियों के माध्यम से ही काम संभाला जाएगा।