सिक्किम में सुरंग निर्माण के दौरान भूस्खलन में मारे गए भूविज्ञानी अनीश मोहन का कोट्टायम के पाथज़ाक्कुजी में अंतिम संस्कार किया गया। केरल सरकार के हस्तक्षेप के बाद उनके पार्थिव शरीर को सिक्किम से केरल लाया गया।

मुख्य बातें

  • सिक्किम की तीस्ता जलविद्युत परियोजना के तहत सुरंग निर्माण के दौरान हुआ था हादसा।
  • अनीश मोहन NHPC में वरिष्ठ प्रबंधक और भूविज्ञानी के रूप में कार्यरत थे।
  • वे प्रसिद्ध यूट्यूब चैनल 'साइंटिफिक मलयाली' के माध्यम से विज्ञान को लोकप्रिय बनाते थे।

सिक्किम में एक सुरंग निर्माण स्थल पर हुए भीषण भूस्खलन में जान गंवाने वाले 43 वर्षीय भूविज्ञानी अनीश मोहन का शनिवार शाम को उनके निवास स्थान पाथज़ाक्कुजी, पाम्पाडी में अंतिम संस्कार किया गया। इस दुखद घड़ी में स्थानीय लोगों और गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। केरल के जल संसाधन मंत्री मोन्स जोसेफ ने राज्य सरकार की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

अनीश के पार्थिव शरीर को सिक्किम से केरल लाने की प्रक्रिया को राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद तेजी से पूरा किया गया। पार्थिव शरीर को एम्बुलेंस के माध्यम से सिक्किम से कोलकाता हवाई अड्डे तक लाया गया, जहाँ से उन्हें विशेष रूप से तैयार मोबाइल यूनिट में एम्बाम (embalm) किया गया। इसके बाद उन्हें कोच्चि के लिए उड़ान भरने दिया गया और शनिवार सुबह उनके कोट्टायम स्थित घर पहुँचाया गया।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि इस तरह की घटनाएं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल की गंभीरता को रेखांकित करती हैं। अनीश मोहन न केवल एक कुशल पेशेवर थे, बल्कि एक महत्वपूर्ण विज्ञान संचारक भी थे।

अनीश मोहन जैसे विशेषज्ञों की कमी विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक बड़ी क्षति है।

अनीश मोहन पिछले 16 वर्षों से नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (NHPC) के साथ जुड़े हुए थे। वे सात महीने पहले हरियाणा से सिक्किम के नामची जिले में तैनात किए गए थे, जहाँ वे तीस्ता जलविद्युत परियोजना के चरण IV के तहत सात किलोमीटर लंबी सुरंग के भूवैज्ञानिक गुणों का आकलन कर रहे थे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सिक्किम का पहाड़ी क्षेत्र अपनी कठिन भौगोलिक स्थितियों और भूस्खलन के प्रति संवेदनशीलता के लिए जाना जाता है। यहाँ चल रही बड़ी जलविद्युत परियोजनाएं इंजीनियरिंग की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण हैं और अक्सर भूगर्भीय अस्थिरता का सामना करती हैं।

क्या आप जानते हैं?: अनीश मोहन के यूट्यूब चैनल 'साइंटिफिक मलयाली' के 2.75 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं, जो विज्ञान को सरल भाषा में समझाने के लिए समर्पित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: यह दुर्घटना कहाँ हुई थी?
उत्तर: यह दुर्घटना सिक्किम के नामची जिले में तीस्ता जलविद्युत परियोजना की सुरंग निर्माण साइट पर हुई थी।

प्रश्न 2: अनीश मोहन का पेशेवर करियर कैसा था?
उत्तर: वे NHPC में 16 वर्षों का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ प्रबंधक और भूविज्ञानी थे।