दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन के दौरान चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक (Facial Recognition) का उपयोग करके 2,873 पूर्व अपराधियों की पहचान की है। इस डेटा का उपयोग 20 जुलाई की हिंसा की जांच में किया जाएगा।

मुख्य बिंदु

  • दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर प्रदर्शन में 2,873 पूर्व अपराधियों की पहचान की।
  • चेहरे की पहचान करने वाली AI तकनीक (Facial Recognition) का इस्तेमाल किया गया।
  • पहचाने गए लोगों में हत्या, लूट और बलात्कार जैसे गंभीर मामलों के आरोपी शामिल हैं।
  • यह डेटा 20 जुलाई की हिंसा की जांच का हिस्सा बनेगा।

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े निगरानी अभियान में जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन के दौरान मौजूद 2,873 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की है, जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई अत्याधुनिक फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (Facial Recognition System) के माध्यम से की गई है, जो विरोध स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लाइव फुटेज का विश्लेषण करती है।

पुलिस द्वारा किए गए विश्लेषण में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पहचाने गए लोगों में 101 व्यक्ति हत्या के मामलों से जुड़े हैं, 62 हत्या के प्रयास के आरोपी हैं, और 284 लोग लूटपाट के मामलों में शामिल रहे हैं। इसके अलावा, यौन अपराधों से संबंधित मामलों में भी कई अपराधियों की पहचान की गई है, जिनमें पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज मामले भी शामिल हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा एआई (AI) का बढ़ता उपयोग सार्वजनिक सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए एक दोधारी तलवार है। जहाँ यह अपराधियों को ट्रैक करने में मदद करता है, वहीं यह प्रदर्शनकारियों की निजता और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। यह कदम 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा।

"यह विश्लेषण दर्शाता है कि प्रदर्शनों के बीच आदतन अपराधी भी सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बढ़ गई है।"

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कवायद प्रदर्शनकारियों की प्रकृति और भीड़ में शामिल लोगों के इरादों का आकलन करने के लिए की गई थी। हालांकि, प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस कर्मियों पर लगाए गए 'उत्पीड़न' के आरोपों पर पुलिस ने फिलहाल कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

अपराधियों का वर्गीकरण

अपराध का प्रकारपहचाने गए व्यक्तियों की संख्या
हत्या (Murder)101
हत्या का प्रयास (Attempt to Murder)62
लूटपाट (Robbery/Dacoity)284
यौन अपराध (Sexual Offences)67+
क्या आप जानते हैं?: चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक (Facial Recognition) करोड़ों डेटा पॉइंट्स का मिलान करके सेकंडों में पहचान कर सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: दिल्ली पुलिस ने इस तकनीक का उपयोग क्यों किया?
उत्तर: इसका उद्देश्य विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ में मौजूद आदतन अपराधियों की पहचान करना और 20 जुलाई की हिंसा की जांच करना था।

प्रश्न 2: क्या यह तकनीक केवल अपराधियों के लिए है?
उत्तर: पुलिस का कहना है कि इसका उपयोग प्रदर्शनकारियों की प्रकृति और भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों का आकलन करने के लिए किया गया है।