2024 में राधाकृष्णन समिति और 2026 में नंदन नीलकणी‑समेत नई टास्क फोर्स ने परीक्षा प्रणाली को बदलने का वादा किया है। लेकिन दोनों में क्या मूलभूत अंतर हैं, जो वास्तविक सुधार ला सकते हैं?
मुख्य बिंदु
- 2024 व 2026 में दो अलग‑अलग टास्क फोर्स गठित
- पहली समिति ने सीमित प्रशासनिक सुधार सुझाए
- नई टीम तकनीकी, डेटा सुरक्षा और स्केलेबिलिटी पर फोकस करती है
पृष्ठभूमि
2024 की NEET‑UG परीक्षा में पटना‑गोधरा से जुड़ी पेपर लीक ने देश भर में हंगामा पैदा किया। सुप्रीम कोर्ट ने लीक को सीमित माना, लेकिन छात्रों का भरोसा टूट गया। इस घटना के बाद सरकार ने डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक हाई‑लेवल कमेटी बनायी।
2026 में वही परीक्षा फिर से लीक हुई, लेकिन इस बार लीक राष्ट्रीय स्तर पर फैल गया और पूरी परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इस संकट ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदन नीलकणी‑समेत नई टास्क फोर्स का ऐलान किया।
दो टास्क फोर्स की संरचना
2024 टास्क फोर्स – राधाकृष्णन समिति में शिक्षाविद, आईआईटी प्रोफेसर और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। उनका काम NTA के इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा सुरक्षा और आंतरिक प्रक्रियाओं का विश्लेषण करना था।
2026 टास्क फोर्स – इस टीम में नंदन नीलकणी (इन्फोसिस सह‑संस्थापक), एस. सोमनाथ (ISRO चेयर), तपन डेका (पूर्व IB चीफ), वी. कामाकोटी (IIT मद्रास निदेशक) और अनिता करवाल (पूर्व शिक्षा सचिव) जैसे तकनीकी और सुरक्षा विशेषज्ञ शामिल हैं। उनका लक्ष्य डिजिटल‑पहले, हैक‑प्रूफ परीक्षा प्रणाली बनाना है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that without a technology‑driven overhaul, भारत की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता आगे भी संकट में रह सकती है, जिससे लाखों छात्रों के करियर पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।
"डेटा सुरक्षा और स्केलेबिलिटी को प्राथमिकता देना ही भविष्य की परीक्षा प्रणाली को टिकाऊ बना सकता है।" – शिक्षा नीति विशेषज्ञ, डॉ. अंजली शर्मा
तुलनात्मक सारणी
| पहलू | 2024 टास्क फोर्स | 2026 टास्क फोर्स |
|---|---|---|
| लीडर | डॉ. के. राधाकृष्णन | नंदन नीलकणी |
| मुख्य फोकस | प्रशासनिक सुधार | तकनीकी एवं सुरक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर |
| सिफ़ारिशें | स्टाफ स्थायित्व, CBT अपनाना | डेटा एन्क्रिप्शन, AI‑आधारित मॉनिटरिंग |
| कार्यान्वयन गति | धीमी, कई सुझाव अवरुद्ध | त्वरित, उच्च‑स्तरीय बजट आवंटन |
Frequently Asked Questions
Q1: क्या नई टास्क फोर्स के पास पर्याप्त अधिकार हैं?
हाँ, उन्हें NTA की सभी डिजिटल प्रक्रियाओं को पुनः डिज़ाइन करने का वैधानिक अधिकार दिया गया है।
Q2: छात्रों को अब कौन से परिवर्तन अपेक्षित हैं?
भविष्य में पेपर‑लेस, एन्क्रिप्टेड और AI‑सहायता प्राप्त परीक्षा मॉडल की उम्मीद की जा रही है।