असम के शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव जिलों में भीषण बाढ़ के बीच भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन जल राहत III' के तहत राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। सेना की टीमें प्रभावित इलाकों से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा रही हैं।
मुख्य बातें
- भारतीय सेना ने असम में 'ऑपरेशन जल राहत III' शुरू किया है।
- शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव जिलों में बचाव कार्य जारी है।
- चराइदेव में अब तक 150 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
- इंजीनियर टास्क फोर्स (ETF) और क्विक रिएक्शन टीमें तैनात हैं।
असम में बाढ़ की विनाशकारी स्थिति को देखते हुए, भारतीय सेना ने राज्य सरकार के अनुरोध पर तत्काल कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन जल राहत III' शुरू किया है। यह मिशन शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव जिलों में नागरिक अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में सहायता प्रदान करने के लिए समर्पित है।
बचाव अभियान का विस्तार
सेना के अनुसार, तीन समर्पित बाढ़ राहत कॉलम और इंजीनियर टास्क फोर्स (ETF) को तैनात किया गया है। शिवसागर जिले में, गार्गाओं कॉलेज को एक प्रमुख परिचालन केंद्र के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जहाँ से सेना स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।
जोरहाट में, राहत कार्यों को गति देने के लिए मारियानी में एक विशेष कॉलम को तैनात किया गया है। इसके साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक अतिरिक्त रिजर्व कॉलम को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।
चराइदेव में बड़ी सफलता
चराइदेव जिले में सेना के प्रयासों ने महत्वपूर्ण परिणाम दिखाए हैं। सोनारी से संचालित हो रही एक विशेष टीम, जिसमें इंजीनियर टास्क फोर्स और क्विक रिएक्शन टीम शामिल हैं, ने अब तक 150 नागरिकों को जलमग्न क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला है। इसमें 73 पुरुष, 47 महिलाएं और 30 बच्चे शामिल हैं।
प्राकृतिक आपदा के समय सेना की त्वरित प्रतिक्रिया न केवल जान बचाती है, बल्कि प्रभावित समुदायों में विश्वास भी जगाती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि असम में हर साल आने वाली बाढ़ न केवल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि बड़े पैमाने पर विस्थापन का कारण भी बनती है। ऐसे समय में सेना की उपस्थिति और उनकी तकनीकी विशेषज्ञता (जैसे ETF) जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. ऑपरेशन जल राहत III किन जिलों पर केंद्रित है?
यह ऑपरेशन मुख्य रूप से असम के शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव जिलों में केंद्रित है।
2. क्या सेना के पास अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हैं?
हाँ, सेना ने अतिरिक्त रिजर्व कॉलम और संसाधन आपातकालीन तैनाती के लिए तैयार रखे हैं।