आरटीआई कार्यकर्ताओं ने खुलासा किया है कि वित्त वर्ष 2022-23 के बाद से पीएम केयर्स फंड के ऑडिटेड वित्तीय विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्य बातें
- वित्त वर्ष 2022-23 के बाद से पीएम केयर्स फंड का कोई ऑडिटेड विवरण जारी नहीं किया गया है।
- यह फंड आरटीआई (RTI) अधिनियम और सीएजी (CAG) ऑडिट के दायरे से बाहर है।
- दान देने वालों को आयकर अधिनियम के तहत 100% कटौती का लाभ मिलता है।
प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन राहत (PM CARES Fund) को लेकर पारदर्शिता के मुद्दों ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आरटीआई कार्यकर्ताओं का दावा है कि वित्त वर्ष 2022-23 के बाद से इस फंड के ऑडिटेड वित्तीय विवरण जनता के सामने पेश नहीं किए गए हैं।
पीएम केयर्स फंड एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट है जिसे मार्च 2020 में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों और अन्य आपदाओं के दौरान राहत प्रयासों का समर्थन करने के लिए स्थापित किया गया था। इस ट्रस्ट की अध्यक्षता स्वयं प्रधानमंत्री करते हैं और केंद्रीय मंत्री इसके ट्रस्टी के रूप में कार्य करते हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पारदर्शिता की कमी सार्वजनिक विश्वास को प्रभावित कर सकती है। हालांकि यह फंड पूरी तरह से स्वैच्छिक योगदान पर आधारित है, लेकिन इसके वित्तीय प्रबंधन की स्पष्टता आवश्यक है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस फंड में किया गया दान आयकर अधिनियम के तहत 100% कटौती के लिए पात्र है और कंपनियों के लिए यह सीएसआर (CSR) खर्च के रूप में भी गिना जाता है।
पारदर्शिता की कमी और जवाबदेही के अभाव से सार्वजनिक संस्थानों की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
विवाद का मुख्य केंद्र यह है कि पीएम केयर्स फंड वर्तमान में आरटीआई अधिनियम, संसदीय जांच और सीएजी (CAG) द्वारा ऑडिट के दायरे से बाहर बना हुआ है। यह स्थिति उन दाताओं के लिए चिंता का विषय है जो सरकारी छूट का लाभ उठाते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पीएम केयर्स फंड की स्थापना कोविड-19 महामारी के दौरान संकट के समय तत्काल राहत प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। तब से, यह विभिन्न आपदाओं के लिए धन जुटाने का एक प्रमुख माध्यम रहा है, लेकिन इसकी निगरानी प्रणाली को लेकर निरंतर आलोचना होती रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या पीएम केयर्स फंड आरटीआई के तहत आता है?
नहीं, वर्तमान नियमों के अनुसार यह फंड आरटीआई अधिनियम के दायरे से बाहर है।
2. क्या इस फंड का ऑडिट सीएजी करता है?
नहीं, यह फंड सीएजी के ऑडिट के दायरे में नहीं आता है।