केरल सरकार ने 2025 के विनाशकारी अडिमाली भूस्खलन से प्रभावित 14 और परिवारों के लिए 10 लाख रुपये प्रति परिवार की मुआवजा राशि स्वीकृत की है। यह निर्णय गहन जांच और जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद लिया गया है।

  • 14 अतिरिक्त परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।
  • कुल 23 परिवारों को अब तक वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
  • कोम्पनपारा में अक्टूबर 2025 में हुए भूस्खलन में एक व्यक्ति की मौत और एक महिला का पैर काटना पड़ा था।

केरल सरकार ने इदुक्की जिले के अडिमाली क्षेत्र में आए विनाशकारी भूस्खलन से प्रभावित लोगों को राहत देने की दिशा में एक और कदम उठाया है। जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 14 और परिवारों को 10-10 लाख रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है। यह कदम उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है जो पिछले एक महीने से मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

प्रशासनिक विवरणों के अनुसार, इदुक्की जिला कलेक्टर ने शुरू में 18 परिवारों के लिए मुआवजे की सिफारिश की थी। हालांकि, एक विस्तृत पुन: निरीक्षण के बाद यह पाया गया कि इनमें से 4 परिवार मन्नमकांदम ग्राम कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में आने वाली भूमि के मालिक थे, जिसके कारण उन्हें इस सूची से बाहर कर दिया गया। अब केवल पात्र 14 परिवारों को ही यह वित्तीय सहायता दी जाएगी।

घटना का दर्दनाक विवरण

यह त्रासदी 25 अक्टूबर 2025 की रात को कोच्चि-धनुष्कोडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोम्पनपारा में घटित हुई थी। इस प्राकृतिक आपदा ने कई जिंदगियां तबाह कर दीं। लक्षम वीदु कॉलोनी के निवासी बीजू की इस हादसे में मृत्यु हो गई, जबकि उनकी पत्नी संध्या गंभीर रूप से घायल हो गईं। चोटों की गंभीरता को देखते हुए, डॉक्टरों को 28 अक्टूबर 2025 को श्रीमती संध्या का बायां पैर काटना पड़ा था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि केरल के पश्चिमी घाटों में बार-बार होने वाले भूस्खलन अब केवल प्राकृतिक आपदाएं नहीं, बल्कि एक गंभीर पारिस्थितिक संकट बन चुके हैं। मुआवजे की प्रक्रिया में होने वाली देरी और प्रशासनिक जटिलताएं अक्सर पीड़ितों के मानसिक तनाव को बढ़ाती हैं। यह घटना दर्शाती है कि बुनियादी ढांचे के विकास (जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग) और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाना कितना अनिवार्य है।

पश्चिमी घाटों की नाजुक भू-संरचना और अनियंत्रित निर्माण कार्य भविष्य में ऐसी आपदाओं की आवृत्ति को बढ़ा सकते हैं।

राजस्व विभाग ने इस क्षेत्र में 27 परिवारों को 'अत्यधिक खतरे' की श्रेणी में रखा है। इनमें से 9 घर पूरी तरह नष्ट हो चुके थे, जिन्हें पहले ही 10 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। शेष परिवारों को एहतियात के तौर पर किराए के मकानों में स्थानांतरित कर दिया गया है। राजस्व मंत्री ने जुलाई के अंत में एक समीक्षा बैठक के दौरान आश्वासन दिया था कि ओणम से पहले सभी पात्र परिवारों को मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा।

क्या आप जानते हैं?: केरल का इदुक्की जिला अपनी कठिन भौगोलिक स्थिति और उच्च वर्षा के कारण भूस्खलन के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में से एक माना जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: कुल कितने परिवारों को मुआवजा मिला है?
उत्तर: अब तक कुल 23 परिवारों (9 पहले और 14 अब) को 10-10 लाख रुपये की सहायता दी गई है।

p>प्रश्न 2: 4 परिवारों को सूची से क्यों हटाया गया?
उत्तर: निरीक्षण में पाया गया कि वे परिवार मन्नमकांदम ग्राम कार्यालय के अधिकार क्षेत्र वाली भूमि के अंतर्गत आते थे।