केरल में हो रही भारी बारिश के कारण काबिनी जलाशय में पानी का प्रवाह 15,500 क्यूसेक तक पहुंच गया है, जिसके बाद मैसूरु जिले के निचले इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है।

मुख्य बातें

  • केरल में भारी वर्षा के कारण काबिनी जलाशय में 15,500 क्यूसेक का भारी प्रवाह दर्ज किया गया।
  • काबिनी जलाशय अपनी पूर्ण क्षमता के बेहद करीब पहुंच गया है।
  • मैसूरु जिले के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है।
  • कोडगु जिले में मानसून की वापसी से भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।

केरल के कैचमेंट क्षेत्रों में हो रही निरंतर भारी बारिश के कारण, कर्नाटक के मैसूरु जिले में स्थित काबिनी जलाशय में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। 1 अगस्त, 2026 की सुबह से जलाशय में लगभग 15,500 क्यूसेक का प्रवाह दर्ज किया गया है। यह स्थिति कावेरी जल विवाद के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने से तमिलनाडु को पानी छोड़ने के मुद्दे पर राहत मिल सकती है।

वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, काबिनी जलाशय का जल स्तर 2,280.08 फीट तक पहुंच गया है, जो इसकी अधिकतम क्षमता (2,284 फीट) से मात्र चार फीट कम है। जल स्तर में इस अचानक वृद्धि को देखते हुए, अधिकारियों ने काबिनी नदी में 8,000 से 10,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की योजना बनाई है। यदि पानी का प्रवाह इसी तरह बढ़ता रहा, तो इस मात्रा को और बढ़ाया जा सकता है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, जलाशयों के बढ़ते स्तर का सीधा प्रभाव न केवल कृषि और जल विवादों पर पड़ता है, बल्कि निचले इलाकों में रहने वाली आबादी की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती पेश करता है। अचानक बढ़ता जल स्तर बाढ़ का खतरा पैदा करता है, जिससे संपत्ति और जीवन को नुकसान हो सकता है।

लगातार हो रही बारिश और जलाशयों की बढ़ती क्षमता को देखते हुए, प्रशासन को तत्काल राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार रहना चाहिए।

इसके साथ ही, कोडगु जिले में मानसून की सक्रियता के कारण भारी बारिश दर्ज की गई है। शंतल्ली में 180 मिमी और भागमंडला में 125.6 मिमी बारिश हुई है। इस भारी बारिश के कारण 2nd मोननांगेरी गांव में भूस्खलन की घटना भी हुई, जिससे यातायात बाधित हो गया।

हरंगी बांध की स्थिति

काबिनी के साथ-साथ, हरंगी बांध में भी भारी प्रवाह देखा गया है। 1 अगस्त को हरंगी बांध में 9,896 क्यूसेक का प्रवाह आया, जिसके जवाब में अधिकारियों ने हरंगी नदी में 10,058 क्यूसेक पानी छोड़ा है।

क्या आप जानते हैं?: काबिनी जलाशय न केवल सिंचाई के लिए बल्कि कर्नाटक के वन्यजीव क्षेत्रों के लिए भी जीवन रेखा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या मैसूरु में बाढ़ का खतरा है?
हाँ, काबिनी नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और यदि आवश्यक हो तो सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

2. काबिनी जलाशय की क्षमता कितनी है?
काबिनी जलाशय की अधिकतम क्षमता 2,284 फीट है, जो वर्तमान में लगभग पूरी भर चुकी है।