आंध्र प्रदेश के एलूर जिले में एक बाघ ने पिछले तीन दिनों में तीन मवेशियों की जान ले ली है, जिससे आसपास के गांवों में भारी दहशत का माहौल है। वन विभाग की विशेषज्ञ टीम बाघ को पकड़ने के लिए जाल बिछा रही है।

मुख्य बातें

  • एलूर जिले के बुट्टागुडेम और कन्नपुरम क्षेत्रों में बाघ ने तीन मवेशियों को मारा।
  • महाराष्ट्र के वर्धा से विशेषज्ञों की एक टीम बाघ को पकड़ने के लिए बुलाई गई है।
  • भारी बारिश के कारण बाघ को पकड़ने के ऑपरेशन में बाधा आ रही है।
  • स्थानीय ग्रामीणों और बच्चों ने सुरक्षा कारणों से घरों के अंदर रहना शुरू कर दिया है।

आंध्र प्रदेश के एलूर जिले के जंगलों में एक बाघ की सक्रियता ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले तीन दिनों के भीतर बाघ ने कन्नपुरम और बुट्टागुडेम क्षेत्रों के जंगलों में दो गायों और एक बछड़े को अपना शिकार बनाया है।

गांवों में पसरा सन्नाटा और डर का माहौल

बाघ के हमलों ने पांडुगुडेम और मंगपतिदेवीपेटा जैसे गांवों में आतंक पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासी च. नागेश्वर राव ने बताया कि बाघ की मौजूदगी के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं और बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं। किसान भी मानसून के कारण खेतों में काम करना चाहते हैं, लेकिन बाघ के हमले के डर से खेतों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

वन विभाग की जवाबी कार्रवाई

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, मुख्य वन संरक्षक (CCF) टी. आशा ज्योति और जिला वन अधिकारी (DFO) पी.वी. संदीप रेड्डी सहित वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने जंगारेड्डीगुडेम रिजर्व फॉरेस्ट का दौरा किया। वन विभाग ने बाघ की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और ट्रैप (जाल) भी तैयार किए हैं।

विशेषज्ञों की एक टीम महाराष्ट्र के वर्धा से बुलाई गई है जो बाघ को सुरक्षित रूप से पकड़ने का प्रयास कर रही है।

जंगारेड्डीगुडेम वन रेंज अधिकारी कुमार बाबू ने बताया कि लगभग 30 वन कर्मियों की टीम इस ऑपरेशन में लगी हुई है। हालांकि, क्षेत्र में हो रही भारी बारिश बचाव और पकड़ने के कार्यों में बड़ी चुनौती पेश कर रही है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) के बढ़ते मामले ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन रहे हैं। जब बाघ जैसे शिकारी रिहाइशी इलाकों के करीब आते हैं, तो यह न केवल संपत्ति का नुकसान है, बल्कि सामाजिक असुरक्षा का भी कारण बनता है।

क्या आप जानते हैं?: बाघ अक्सर शिकार की तलाश में या अपने इलाके के विस्तार के लिए मानव बस्तियों के करीब आ जाते हैं, जिससे संघर्ष की स्थिति पैदा होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: बाघ ने अब तक कितने मवेशियों को मारा है?
उत्तर: पिछले तीन दिनों में बाघ ने दो गायों और एक बछड़े को मारा है।

प्रश्न 2: वन विभाग क्या कदम उठा रहा है?
उत्तर: विभाग ने विशेषज्ञों की टीम बुलाई है, सीसीटीवी लगाए हैं और बाघ को पकड़ने के लिए जाल बिछाया है।