एलूर जिला कलेक्टर के. वेत्री सेल्वी ने नागरिकों से अपील की है कि वे जन शिकायत निवारण प्रणाली (PGRS) की सेवाओं पर क्यूआर कोड स्कैन करके अपना फीडबैक साझा करें। इस पहल का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है।

मुख्य बिंदु

  • नागरिक अब जिला और मंडल स्तर के केंद्रों पर क्यूआर कोड स्कैन कर सकते हैं।
  • फीडबैक सीधे आधिकारिक PGRS पोर्टल पर भेजा जाएगा।
  • शिकायतों की स्थिति जानने के लिए टोल-फ्री नंबर 1100 का उपयोग किया जा सकता है।
  • प्रत्येक सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं।

एलूर, आंध्र प्रदेश: जिला कलेक्टर के. वेत्री सेल्वी ने रविवार को नागरिकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि जन शिकायत निवारण प्रणाली (PGRS) के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए जनता की राय अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए जिला और मंडल स्तर के केंद्रों पर क्यूआर कोड (QR Code) लगाए जा रहे हैं।

कलेक्टर के अनुसार, राज्य सरकार का लक्ष्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाना है। फीडबैक तंत्र को मजबूत करने के लिए, इन क्यूआर कोडों को PGRS केंद्रों के प्रवेश और निकास द्वारों पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे आगंतुकों को अपनी सेवाओं के अनुभव और संतुष्टि स्तर को तुरंत दर्ज करने में मदद मिलेगी।

प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में कदम

प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि क्यूआर कोड स्पष्ट रूप से मुद्रित हों और उन्हें नोटिस बोर्ड, हेल्प डेस्क और शिकायत काउंटरों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर आसानी से सुलभ स्थानों पर लगाया जाए। BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की डिजिटल पहल से सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार कम करने और सेवा वितरण में तेजी लाने में मदद मिलती है।

डिजिटल फीडबैक तंत्र सीधे प्रशासन को जनता की वास्तविक समस्याओं से जोड़ता है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

नागरिक अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके सेवाओं के तुरंत बाद क्यूआर कोड स्कैन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि कोई नागरिक अपनी याचिका की स्थिति जानना चाहता है, तो वह टोल-फ्री नंबर 1100 पर कॉल कर सकता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

जन शिकायत निवारण प्रणाली (PGRS) का उद्देश्य सरकारी तंत्र और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना है। पिछले कुछ वर्षों में, डिजिटल इंडिया अभियान के तहत कई राज्यों ने अपनी शिकायत प्रणालियों को ऑनलाइन और क्यूआर कोड आधारित बनाया है ताकि फीडबैक प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके।

क्या आप जानते हैं?: क्यूआर कोड (Quick Response Code) को मूल रूप से ऑटोमोटिव उद्योग के लिए विकसित किया गया था ताकि भागों का पता लगाया जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. मैं अपनी शिकायत की स्थिति कैसे जान सकता हूँ?
आप टोल-फ्री नंबर 1100 पर कॉल करके अपनी याचिका की वर्तमान स्थिति की जांच कर सकते हैं।

2. फीडबैक कहाँ जमा किया जा सकता है?
आप जिला या मंडल कार्यालयों में लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके सीधे आधिकारिक पोर्टल पर फीडबैक दे सकते हैं।