रांची में सैकड़ों छात्र 14वीं JPSC‑CGSL परीक्षा को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग कर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। सीजेपी और कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन से प्रदर्शन तेज़ हो रहा है, जबकि मुख्यमंत्री ने सीआईडी जांच का आदेश दिया है।
मुख्य बिंदु
- भूख हड़ताल की घोषणा
- सीजेपी एवं कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन
- 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की माँग
रांची, झारखंड – राज्य के कई जिलों से आए सैकड़ों छात्र जयपाल सिंह स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका दावा है कि 14वीं JPSC‑CGSL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में व्यापक अनियमितताएँ हुई हैं, जिससे उनके भविष्य को खतरा है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपना संघर्ष "अन्न‑जल त्याग" के रूप में प्रस्तुत किया है।
भूख हड़ताल की घोषणा के बाद, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो कॉल के माध्यम से समर्थन व्यक्त किया और छात्रों को अपना सहयोग देने का आश्वासन दिया। इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी ने भी प्रदर्शन को समर्थन देने की पेशकश की, जिससे आंदोलन की गति और तेज़ हुई।
छात्रों की मुख्य मांगें स्पष्ट हैं: 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा का निरस्तीकरण, परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षा‑पुस्तकों की स्वतंत्र जांच, और भर्ती प्रणाली में व्यापक सुधार। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले की तहकीकात के लिए सीआईडी को आदेश दिया, पर छात्र इसे अपर्याप्त मानते हुए सीबीआई‑ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों से पूरी स्वतंत्र जांच की माँग कर रहे हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत में छात्र आंदोलन का इतिहास लंबा है—1990 के दशक में एंट्री‑टेस्ट एंटीकॉरप्शन मोशन से लेकर 2020 में राष्ट्रीय स्तर पर हुई भर्ती प्रणाली की लड़ाइयों तक। झारखंड में भी 2010‑2015 के बीच कई बार भर्ती‑संबंधी विरोध हुए हैं, लेकिन इस बार भूख हड़ताल का स्वर और समर्थन की व्यापकता इसे अलग बनाती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यदि राज्य की भर्ती प्रक्रिया में विश्वास नहीं बना रहे तो प्रतिभाशाली युवा शिक्षा‑सेवा क्षेत्र से हट कर अन्य राज्य या निजी क्षेत्र में करियर बनाने की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे झारखंड की मानव पूँजी पर दीर्घकालिक असर पड़ेगा।
"भूख हड़ताल केवल प्रतीकात्मक नहीं, यह छात्रों की निराशा का प्रत्यक्ष प्रमाण है," कहते हैं राजनीतिक वैज्ञानिक डॉ. रजत सिंह।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या सरकार ने भूख हड़ताल को रोकने के लिए कोई कदम उठाया है?
उत्तर: अभी तक कोई वैध आदेश नहीं आया है; सरकार ने केवल सीआईडी जांच का आदेश दिया है।
प्रश्न 2: छात्र कब तक भूख हड़ताल जारी रखेंगे?
उत्तर: वे तब तक हड़ताल जारी रखने का इरादा रखते हैं जब तक उनकी सभी माँगें पूरी नहीं हो जातीं।