ओक्सफ़ैम के नए विश्लेषण के अनुसार, अप्रैल‑जून तिमाही में विश्व के छह बड़े तेल‑गैस समूह कुल $45 बिलियन का लाभ कमाने की राह पर हैं, जबकि उनका इतिहासिक उत्सर्जन लगभग एक‑चौथाई हीटवेव्स का कारण बना है। विशेषज्ञ इस बात पर बहस कर रहे हैं कि इन कंपनियों को जलवायु परिवर्तन की लागत का कितना हिस्सा उठाना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- छह प्रमुख तेल‑गैस कंपनियों के अनुमानित त्रैमासिक मुनाफे $45 बिलियन तक पहुँचेंगे।
- ओक्सफ़ैम के अध्ययन ने दिखाया कि इन कंपनियों के इतिहासिक उत्सर्जन ने 2000‑2023 के 213 हीटवेव्स में से लगभग 25% को प्रेरित किया।
- इन कंपनियों को 2025 में $60 बिलियन पर्यावरणीय क्षति का भी आरोप लगाया गया है।
अप्रैल‑जून तिमाही में विश्व के सबसे बड़े छह तेल‑गैस समूह—बीपी, शेवरॉन, एनी, एक्सॉनमोबिल, शैल और टोटलएनर्जीज़—की संयुक्त आय $45 बिलियन तक पहुँचने की उम्मीद है, जो पिछले तिमाही की आय से लगभग दोगुनी है। यह आंकड़ा ओक्सफ़ैम द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें बताया गया कि इन कंपनियों के इतिहासिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन ने लगभग एक‑चौथाई वैश्विक हीटवेव्स को संभव बनाया।
ओक्सफ़ैम ने इस निष्कर्ष को नेचर जर्नल में प्रकाशित एक समकक्ष‑समीक्षित अध्ययन पर आधारित किया, जिसमें 2000‑2023 के बीच 213 हीटवेव्स का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, बीपी, शेवरॉन, एक्सॉनमोबिल, शैल और टोटलएनर्जीज़ के उत्सर्जन प्रत्येक ने स्वतंत्र रूप से लगभग 0.025 °C वैश्विक ताप वृद्धि में योगदान दिया, जिससे 1‑4 हीटवेव्स का कारण बना।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
फॉसिल ईंधन उद्योग का इतिहासिक कार्बन उत्सर्जन औद्योगिक क्रांति के बाद से ही जलवायु परिवर्तन का मुख्य चालक रहा है। 180 सबसे बड़े फॉसिल ईंधन और सीमेंट निर्माताओं ने औसत वैश्विक हीटवेव तीव्रता में आधे से अधिक वृद्धि में योगदान दिया है, जिसमें पाँच प्रमुख तेल कंपनियों ने लगभग 8 % योगदान दिया।
Why This Matters
BozokMedia का विश्लेषण दर्शाता है कि जब कंपनियां भारी मुनाफा कमाती हैं, तो उनके पर्यावरणीय प्रभाव की लागत अक्सर उपभोक्ताओं पर आती है—उच्च ऊर्जा मूल्य, फसल नुकसान और जीवनयापन लागत में वृद्धि के रूप में।
"इतिहासिक CO₂ उत्सर्जन और वर्तमान तापमान वृद्धि के बीच सीधा रैखिक संबंध है, जिससे तेल कंपनियों की जिम्मेदारी स्पष्ट होती है," प्रा. राजीव चतुर्वेदी ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या तेल कंपनियों को अपने इतिहासिक उत्सर्जन के कारण हीटवेव्स के लिए कानूनी दायित्व होना चाहिए?
प्रश्न 2: इन कंपनियों की बढ़ती आय का भारतीय उपभोक्ताओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा?