भारत सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए बताया है कि 2021 से अब तक 36 अलग-अलग देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को वापस लाया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, प्रत्यर्पण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
मुख्य बातें
- 2021 से अब तक 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधी भारत लाए गए।
- Interpol रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की संख्या में भारी उछाल आया है।
- Fugitive Economic Offenders Act, 2018 ने अपराधियों की संपत्ति जब्त करने में मदद की।
- 2019 से 2026 के बीच ₹17,874 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई।
नई दिल्ली: भारत सरकार ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए बताया कि देश ने अपराधियों के खिलाफ अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। गृह मंत्रालय के अनुसार, साल 2021 से अब तक 36 विभिन्न देशों से कुल 274 भगोड़े अपराधियों को वापस लाया गया है। यह सफलता भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कड़े कानूनी ढांचे का परिणाम है।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने भगोड़ों की वापसी को एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बना दिया है। इसमें आतंकवाद, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों में शामिल अपराधियों को पकड़ने के लिए कानूनी सुधारों, खुफिया समन्वय और उन्नत तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने पहले भी स्पष्ट किया है कि भगोड़े अपराधी न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि देश की संप्रभुता और आर्थिक स्थिरता के लिए भी चुनौती हैं।
बदलाव का दौर: पहले बनाम अब
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2014 से पहले भारत का प्रत्यर्पण ढांचा काफी कमजोर था। 2004 से 2013 के बीच, भारत औसतन केवल 4 अपराधियों का प्रत्यर्पण ही कर पाता था। उस समय भारत के पास केवल 37 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधि थी और लगभग 110 अनुरोध लंबित थे।
| विशेषता | 2004-2013 का दौर | वर्तमान स्थिति (2021 के बाद) |
|---|---|---|
| औसत वार्षिक प्रत्यर्पण | लगभग 4 अपराधी | बड़ी संख्या में (274 अपराधी) |
| कुल प्रत्यर्पित देश | सीमित (37 संधि देश) | 36 देशों से वापसी (तेजी से बढ़त) |
| मुख्य कानूनी हथियार | पुराने कानून | Fugitive Economic Offenders Act |
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत अब वैश्विक स्तर पर अपराधों के खिलाफ एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। Fugitive Economic Offenders Act (2018) और PMLA के सख्त प्रवर्तन ने अपराधियों के आर्थिक आधार को नष्ट करना शुरू कर दिया है।
अपराधियों की संपत्ति को कुर्क करना और उन्हें उनके सुरक्षित ठिकानों से बाहर निकालना भारत की वैश्विक छवि को एक 'जीरो टॉलरेंस' राष्ट्र के रूप में स्थापित कर रहा है।
Interpol रेड कॉर्नर नोटिस के मामले में भी भारत की सक्रियता बढ़ी है। वर्ष 2022 में केवल 40 नोटिस जारी किए गए थे, जो 2026 में अब तक 182 तक पहुँच चुके हैं। पिछले तीन वर्षों में कुल 401 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए हैं।
Frequently Asked Questions
1. भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम क्या है?
यह 2018 का कानून है जो उन आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति देता है जो देश छोड़कर भाग गए हैं, ताकि उनकी संपत्ति कुर्क की जा सके।
2. Interpol रेड कॉर्नर नोटिस क्या होता है?
यह एक अंतरराष्ट्रीय अनुरोध है जो दुनिया भर की पुलिस को किसी वांछित अपराधी को खोजने और गिरफ्तार करने के लिए दिया जाता है।