आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) ने अमरावती मास्टर प्लान पर जनता की प्रतिक्रिया लेने के लिए थुल्लुरु और नेलापाडु गांवों में महत्वपूर्ण ग्राम सभाएं आयोजित की हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मौजूदा ग्रामीण सड़कों को लैंड पूलिंग योजना (LPS) के साथ जोड़ना है।

मुख्य बिंदु

  • APCRDA ने थुल्लुरु और नेलापाडु में जन परामर्श बैठकें आयोजित कीं।
  • बैठकों का मुख्य फोकस ग्रामीण सड़कों को लैंड पूलिंग योजना (LPS) जोन के साथ एकीकृत करना है।
  • स्थानीय निवासियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम सर्कुलेशन और एकीकरण योजनाओं को तैयार किया जाएगा।

आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) ने अमरावती को एक विश्वस्तरीय राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 5 अगस्त 2026 को, एपीसीआरडीए के अधिकारियों ने थुल्लुरु और नेलापाडु के प्रमुख गांवों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया। इन सार्वजनिक परामर्श बैठकों का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित ग्रामीण सड़क सर्कुलेशन नेटवर्क और व्यापक अमरावती मास्टर प्लान पर स्थानीय निवासियों से सीधे सुझाव और प्रतिक्रियाएं प्राप्त करना था।

थुल्लुरु की विशेष डिप्टी कलेक्टर पी. पद्मावती और नेलापाडु के विशेष डिप्टी कलेक्टर जी. मुरलीधर के नेतृत्व में यह बैठकें क्रमशः वेस्ट सेंट्रल-1 और वेस्ट सेंट्रल-2 ग्रिड के तहत आयोजित की गईं। अधिकारियों ने विस्तृत नक्शों के जरिए ग्रामीणों को समझाया कि कैसे मौजूदा ग्रामीण सड़कों को लैंड पूलिंग स्कीम (LPS) जोन के साथ जोड़ा जाएगा। इस एकीकरण से भविष्य में यातायात की समस्या नहीं होगी और ग्रामीणों को राजधानी की मुख्य सड़कों तक आसान पहुंच मिलेगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background)

अमरावती को एक आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल राजधानी बनाने की परिकल्पना वर्ष 2014-15 में की गई थी। इसके लिए एक अनोखी 'लैंड पूलिंग योजना' (LPS) अपनाई गई, जिसमें किसानों ने विकसित भूखंडों के बदले स्वेच्छा से अपनी जमीन दी थी। कई राजनीतिक बदलावों और देरी के बाद, अब इस परियोजना ने फिर से गति पकड़ ली है। ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य शहर से जोड़ना इस पुनर्जीवित मास्टर प्लान का एक मुख्य स्तंभ है, ताकि पुराने ग्रामीण समुदाय आधुनिक बुनियादी ढांचे से अलग-थलग न पड़ें।

Why This Matters

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि पारंपरिक ग्रामीण संरचना को आधुनिक शहरी ग्रिड के साथ जोड़ना किसी भी नए शहर के नियोजन में सबसे जटिल चुनौतियों में से एक है। सीधे जमीन मालिकों से संवाद करके, APCRDA कानूनी और तार्किक विवादों को कम कर रहा है, जिससे कृषि भूमि से एक विकसित महानगरीय क्षेत्र में परिवर्तन की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

"अमरावती के लोकतांत्रिक विकास के लिए जमीनी स्तर पर समुदायों को शामिल करना बेहद महत्वपूर्ण है। बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने वाला यह दृष्टिकोण राजधानी की आर्थिक सफलता को तय करेगा।" - डॉ. के. राम राव, शहरी नियोजन विश्लेषक।
विशेषतामौजूदा ग्रामीण सड़केंप्रस्तावित एकीकृत एलपीएस नेटवर्क
चौड़ाई और कनेक्टिविटीसंकीर्ण, स्थानीयकृत और मुख्य राजमार्गों से कटी हुई।चौड़ी सड़कें, जो व्यवस्थित रूप से एक्सप्रेसवे से जुड़ी होंगी।
बुनियादी ढांचा सहायताआधुनिक जल निकासी, यूटिलिटी डक्ट और स्मार्ट लाइटिंग का अभाव।भूमिगत केबलिंग, स्मार्ट जल निकासी और पैदल मार्ग से सुसज्जित।
क्या आप जानते हैं?: अमरावती की लैंड पूलिंग योजना दुनिया के सबसे बड़े स्वैच्छिक भूमि अधिग्रहण अभियानों में से एक है, जिसमें स्थानीय किसानों द्वारा 33,000 एकड़ से अधिक भूमि दी गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

प्रश्न 1: इन ग्राम सभाओं का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों को ग्राम सर्कुलेशन और एकीकरण योजनाओं की जानकारी देना और कार्यान्वयन से पहले उनके सुझाव लेना है।

प्रश्न 2: परामर्श के अगले चरण में किन गांवों को शामिल किया जाएगा?
उत्तर: APCRDA ने अगले चरण में साखामुरु और ऐनावोलु गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित करने का कार्यक्रम तय किया है।