विदेश मंत्रालय ने राजभवन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 77 विदेश यात्राओं में कुल खर्च ₹557.51 करोड़ रहा। यह आंकड़ा 2021 से अब तक के सभी आधिकारिक यात्राओं को सम्मिलित करता है।

मुख्य बिंदु

  • मोदी के 77 विदेश दौरे में कुल खर्च ₹557.51 करोड़
  • प्रति दिन औसत खर्च लगभग ₹3 करोड़
  • खर्च में हवाई टिकट, सुरक्षा, और प्रोटोकॉल शामिल

व्यय का विस्तृत विभाजन

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2021 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77 आधिकारिक विदेश यात्राएँ कीं। इन यात्राओं में हवाई टिकट, सुरक्षा व्यवस्था, स्टाफ खर्च, और अतिथि सत्कार सहित सभी लागतें सम्मिलित हैं। औसतन एक दिन का खर्च लगभग ₹3 करोड़ रहा, जबकि कुछ विशेष दौरे में यह राशि ₹12.4 लाख प्रति घंटे तक पहुँच गई।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री की विदेश यात्राएँ हमेशा से भारत की कूटनीति और आर्थिक सहयोग का मुख्य साधन रही हैं। 1990 के दशक से लेकर आज तक, विदेश यात्राओं का खर्च धीरे-धीरे बढ़ता गया है, लेकिन 2021‑2024 के बीच इसका उछाल 5 गुना हो गया, जिससे राजकोषीय दबाव बढ़ा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the surge in foreign travel spending reflects both India's growing global engagement and the rising costs of high‑security diplomatic missions. यह आंकड़ा नीति निर्माताओं के लिए खर्च नियंत्रण और यात्रा रणनीति पुनः मूल्यांकन का संकेत है।

"विदेशी यात्राओं में बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट बजट फ्रेमवर्क आवश्यक है," कहा विदेश नीति विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने।
Did You Know?: प्रधानमंत्री मोदी की पहली विदेश यात्रा 2014 में संयुक्त राष्ट्र में हुई थी, जिसने तब से लेकर अब तक की कुल यात्राओं का आधार रखा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या सभी 77 यात्राएँ सरकारी खर्च से पूरी हुईं?

उत्तर: हाँ, इन सभी यात्राओं का खर्च भारत सरकार के बजट से आया है।

प्रश्न 2: भविष्य में इस खर्च को कम करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

उत्तर: मंत्रालय ने अब डिजिटल मीटिंग्स को प्राथमिकता देने और यात्रा कार्यक्रम को समेकित करने का प्रस्ताव रखा है।