झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जहाँ 39 लाख रुपये के कुल इनाम की राशि वाले 6 प्रमुख नक्सलियों सहित कुल 16 माओवादियों ने हथियार डाल दिए हैं। इनमें क्षेत्रीय समिति के सदस्य संतोष महतो भी शामिल हैं, जिन पर 128 मामले दर्ज थे।
मुख्य बातें
- कुल 16 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, जिनमें 5 महिलाएं भी शामिल हैं।
- 6 नक्सलियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
- नक्सलियों ने 6 INSAS और 2 AK-47 राइफलें समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद छोड़ा।
- क्षेत्रीय समिति सदस्य संतोष महतो, जिस पर 15 लाख का इनाम था, ने भी सरेंडर किया।
झारखंड में उग्रवाद के खिलाफ जारी अभियान में राज्य पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मंगलवार को 16 माओवादियों ने आधिकारिक तौर पर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस समूह में छह ऐसे प्रमुख नक्सली शामिल हैं, जिन पर सामूहिक रूप से 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
इस आत्मसमर्पण में सबसे महत्वपूर्ण नाम संतोष महतो (alias बसदेव दा/दिलीप) का है, जो प्रतिबंधित CPI (माओवादी) की क्षेत्रीय समिति के सदस्य हैं। संतोष महतो पर विभिन्न जिलों में 128 आपराधिक मामले दर्ज थे और उन पर 15 लाख रुपये का बड़ा इनाम था। वह एक आईईडी ब्लास्ट मामले में भी मुख्य आरोपी थे, जिसमें कोबरा बटालियन के एक जवान को चोट आई थी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के बड़े आत्मसमर्पण झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और सरकार की पुनर्वास नीतियों के प्रभाव को दर्शाते हैं। जब क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय समिति के सदस्य हथियार छोड़ते हैं, तो इससे संगठन की संगठनात्मक संरचना को गहरा धक्का लगता है।
झारखंड पुलिस की यह कार्रवाई उग्रवाद को जड़ से मिटाने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित होगी।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने अपने साथ भारी मात्रा में हथियार भी छोड़े हैं। पुलिस के अनुसार, उन्होंने 6 INSAS राइफलें, 2 AK-47 राइफलें, 38 मैगजीन और 1,562 कारतूस बरामद किए हैं। इस समूह में पांच महिला सदस्य भी शामिल थीं, जो माओवादी संगठन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
झारखंड लंबे समय से माओवादी उग्रवाद का केंद्र रहा है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए विशेष अभियानों के कारण उग्रवादियों की संख्या में भारी कमी आई है। वर्ष 2026 के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 93 माओवादी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 45 ने आत्मसमर्पण किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख नक्सली कौन थे?
उत्तर: संतोष महतो, जो क्षेत्रीय समिति के सदस्य थे और जिन पर 15 लाख का इनाम था, सबसे प्रमुख थे।
प्रश्न 2: पुलिस को कौन से हथियार बरामद हुए?
उत्तर: पुलिस ने 6 INSAS, 2 AK-47 राइफलें और 1,500 से अधिक कारतूस बरामद किए हैं।