तेरह करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि जारी करने का आदेश दिया गया है ताकि टेलंगाना के जल परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास व पुनर्स्थापन (R&R) कार्य तेजी से पूरे हों। जल मंत्री ने जिला कलेक्टरों को वन और पर्यावरण मंजूरी को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
मुख्य बिंदु
- ₹3,000 करोड़ की अतिरिक्त निधि जारी
- भूमि अधिग्रहण, R&R और वन मंजूरी को प्राथमिकता
- मिड़ मैनर लेफ्ट कैनाल के काम को त्वरित प्रारंभ
परिचय
टेलंगाना सरकार ने जल परियोजनाओं के लिए कुल ₹5,000 करोड़ की प्राथमिकता निधि घोषित की है, जिसमें से पहले ही ₹2,000 करोड़ जारी हो चुके हैं। शेष ₹3,000 करोड़ की रिलीज़ प्रक्रिया में है, जैसा कि जल मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले पाँच वर्षों में टेलंगाना ने जल सुरक्षा को प्रमुख एजेंडा बनाया, लेकिन कई बड़े जलधारा परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण और वन मंजूरी की देरी के कारण कार्य बाधित रहे। इस कारण राज्य ने तेज़ वित्तीय समर्थन और प्रशासनिक त्वरित कार्रवाई के लिए नई नीति अपनाई।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia analysis shows that accelerating land acquisition and R&R will convert billions of invested rupees into tangible irrigation benefits, directly boosting agricultural output in drought‑prone districts.
"यदि निधि तुरंत उपलब्ध कराई जाए तो जल परियोजनाओं की पूर्णता में 40% तक समय घटाया जा सकता है," कहा कृषि विशेषज्ञ डॉ. रवींद्रनाथ सिंह ने।
मुख्य कार्यवाही
मंत्री ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे वित्तीय आवश्यकताओं को तुरंत प्रस्तुत करें और भूमि मालिकों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करें। मिड़ मैनर लेफ्ट कैनाल के काम को चार‑पाँच साल के ठहरे हुए चरण से बाहर निकालकर जल लाभ में बदलने की योजना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: शेष ₹3,000 करोड़ कब तक जारी होंगे?
उत्तर: सरकार ने इसे अगले दो महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
प्रश्न 2: यदि भूमि मालिकों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला तो क्या होगा?
उत्तर: न्यायिक प्रक्रिया तेज़ की जाएगी और वैकल्पिक पुनर्वास योजनाएँ लागू की जाएँगी।