CSIR-NEERI द्वारा विकसित पोर्टेबल वाटर प्यूरीफायर सिस्टम असम के बाढ़ प्रभावित जिलों में वितरित किए जा रहे हैं, जो बिना बिजली के शुद्ध पानी प्रदान करेंगे।

मुख्य बातें

  • NEERI-ZAR सिस्टम बिना बिजली के काम करता है।
  • यह प्रति घंटे 2,500 से 3,500 लीटर शुद्ध पानी बना सकता है।
  • यह तकनीक 2006 के राजस्थान बाढ़ के दौरान विकसित की गई थी।
  • यह प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में भी मदद करेगा।

असम के बाढ़ प्रभावित जिलों—चरैदेव, जोरहाट और शिवसागर—में पीने के पानी की समस्या से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नागपुर स्थित CSIR-NEERI द्वारा विकसित विशेष वाटर प्यूरीफायर इकाइयों को इन क्षेत्रों में पहुँचाया गया है। ये इकाइयाँ विशेष रूप से आपातकालीन स्थितियों के लिए डिज़ाइन की गई हैं।

तकनीकी विशेषताएँ और लाभ

इन पोर्टेबल इकाइयों को NEERI-ZAR कहा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ये इकाइयाँ गुरुत्वाकर्षण (gravity-based) पर आधारित हैं, जिसका अर्थ है कि इन्हें चलाने के लिए बिजली की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। ये नदियों, तालाबों और कुओं के दूषित पानी को पीने योग्य बनाने में सक्षम हैं।

CSIR-NEERI के वैज्ञानिक अतुल माल्डहुरे और कुमार अमृत ने जोरहाट में इन इकाइयों को असेंबल किया। वितरण किए जा रहे 100 यूनिटों में से 25 सामुदायिक उपयोग के लिए हैं और 75 घरेलू उपयोग के लिए हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आपदा के समय केवल पानी पहुँचाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पानी को शुद्ध करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्लास्टिक की बोतलों पर निर्भरता न केवल महंगी है, बल्कि यह भारी मात्रा में प्लास्टिक कचरा भी पैदा करती है। NEERI-ZAR तकनीक इस पर्यावरणीय और वित्तीय बोझ को कम करती है।

"ये इकाइयां बिना किसी परिचालन लागत के नदियों और तालाबों के पानी को शुद्ध कर सकती हैं, जो आपदा प्रबंधन के लिए एक गेम-चेंजर है।"

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इस तकनीक का जन्म 2006 में राजस्थान के बाड़मेर में आई भीषण बाढ़ के दौरान हुआ था। तब से, इसका सफल परीक्षण और उपयोग सुंदरबन (2009), उत्तराखंड (2013), चेन्नई (2015), केरल (2018) और बिहार (2019) जैसी आपदाओं में किया जा चुका है।

क्या आप जानते हैं?: NEERI-ZAR सिस्टम को बिना बिजली के चलाने के लिए केवल गुरुत्वाकर्षण शक्ति का उपयोग किया जाता है, जिससे यह दुर्गम क्षेत्रों के लिए आदर्श बन जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इस प्यूरीफायर को चलाने के लिए बिजली चाहिए?
उत्तर: नहीं, यह पूरी तरह से गुरुत्वाकर्षण आधारित है और बिना बिजली के काम करता है।

प्रश्न 2: यह एक घंटे में कितना पानी साफ कर सकता है?
उत्तर: यह प्रणाली प्रति घंटे लगभग 2,500 से 3,500 लीटर पानी शुद्ध करने की क्षमता रखती है।