केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि वह सीबीएसई की त्रि-भाषा नीति के कार्यान्वयन के लिए सुझावों पर काम कर रही है। इस नीति के तहत कक्षा 9 के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य होगा।
- केंद्र सरकार सीबीएसई की त्रि-भाषा नीति के कार्यान्वयन के सुझावों पर काम कर रही है।
- कक्षा 9 के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य होगा।
- विदेशी भाषा को केवल तीसरी भाषा या चौथी अतिरिक्त भाषा के रूप में चुना जा सकता है।
- सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों पर अतिरिक्त दबाव न डालने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की त्रि-भाषा नीति के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक सुझावों और प्रक्रियाओं को तैयार करने में जुटी है। यह मामला कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं के अध्ययन को अनिवार्य बनाने से संबंधित है, जिसमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होनी चाहिए।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमालया बागची एवं न्यायमूर्ति वी.getना की पीठ के समक्ष सूचित किया कि सीबीएसई विभिन्न कार्यप्रणालियों (modalities) पर काम कर रही है और इस संबंध में समय मांगा है। अदालत ने इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला भारत की भाषाई विविधता और शिक्षा प्रणाली के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को दर्शाता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप, सरकार भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना चाहती है, लेकिन इसके कार्यान्वयन में बुनियादी ढांचे और शिक्षकों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है।
शिक्षा नीति का कार्यान्वयन केवल नियमों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह छात्रों के मानसिक बोझ को कम करने वाला होना चाहिए।
गौरतलब है कि 15 मई को जारी एक सर्कुलर के अनुसार, यदि कोई छात्र विदेशी भाषा चुनना चाहता है, तो वह इसे केवल दो भारतीय भाषाओं के अध्ययन के बाद तीसरी भाषा के रूप में, या एक अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही कर सकता है। इससे यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि छात्र अपनी भाषाई जड़ों से जुड़े रहें।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत, भारत में भाषाई कौशल को मजबूत करने के लिए त्रि-भाषा सूत्र को फिर से जीवित किया जा रहा है। सीबीएसई ने इस नीति को राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) 2023 के साथ संरेखित करने के लिए जुलाई 2026 से कक्षा 9 के लिए इसे लागू करने का निर्णय लिया है।
Frequently Asked Questions
1. क्या कक्षा 9 के लिए विदेशी भाषा अनिवार्य है?
नहीं, विदेशी भाषा अनिवार्य नहीं है। छात्र दो भारतीय भाषाओं के बाद इसे तीसरी भाषा या चौथी अतिरिक्त भाषा के रूप में चुन सकते हैं।
2. क्या तीसरी भाषा के लिए बोर्ड परीक्षा होगी?
सीबीएसई के अनुसार, छात्रों पर दबाव कम करने के लिए कक्षा 10 के स्तर पर तीसरी भाषा (R3) के लिए कोई बोर्ड परीक्षा नहीं ली जाएगी।