CPI(M) राज्य समिति के सदस्य पी. जयराजन ने AI द्वारा निर्मित एक फर्जी तस्वीर का खंडन किया है, जिसमें उन्हें सोना तस्करी आरोपी अर्जुन अयांकी के साथ दिखाया गया है। उन्होंने इस डिजिटल जालसाजी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुख्य बिंदु
- पी. जयराजन ने अर्जुन अयांकी के साथ अपनी कथित तस्वीर को फर्जी बताया।
- AI तकनीक का उपयोग करके उनके कटे हुए अंग (अंगूठे) को फोटो में जोड़ा गया।
- फर्जी अभियान चलाने वालों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
केरल की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब सोशल मीडिया पर पी. जयराजन और सोना तस्करी मामले के आरोपी अर्जुन अयांकी की एक तस्वीर वायरल हुई। CPI(M) राज्य समिति के सदस्य पी. जयराजन ने तुरंत इस तस्वीर को पूरी तरह से फर्जी करार देते हुए इसे डिजिटल हेरफेर का परिणाम बताया है।
जयराजन ने फेसबुक के माध्यम से अपनी सफाई देते हुए एक चौंकाने वाला तथ्य साझा किया। उन्होंने बताया कि 27 साल पहले आरएसएस कार्यकर्ताओं के साथ एक संघर्ष के दौरान उनका बायां अंगूठा कट गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वायरल तस्वीर में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए उनके उस खोए हुए अंगूठे को फिर से जोड़ दिया गया है ताकि तस्वीर असली लगे।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह घटना राजनीति में 'डीपफेक' और AI जनित दुष्प्रचार के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। जब तकनीक का उपयोग किसी व्यक्ति की शारीरिक अक्षमता को मिटाकर उसे किसी अपराधी से जोड़ने के लिए किया जाता है, तो यह केवल मानहानि नहीं, बल्कि एक गंभीर साइबर अपराध बन जाता है।
"AI-जनित हेरफेर अब राजनीतिक चरित्र हनन का सबसे घातक हथियार बन गया है, जिससे सत्य और कल्पना के बीच का अंतर समाप्त हो रहा है।"
दूसरी ओर, अर्जुन अयांकी को कन्नूर में एक विशेष जांच टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया था। उन पर पुलिस को चुनौती देने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने के आरोप हैं, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: पी. जयराजन ने फोटो को फर्जी कैसे साबित किया?
उन्होंने बताया कि फोटो में उनका बायां अंगूठा दिख रहा है, जबकि वास्तव में वह 27 साल पहले एक हमले में कट गया था।
प्रश्न 2: अर्जुन अयांकी कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
अयांकी सोना तस्करी मामले का आरोपी है और उसे पुलिस को चुनौती देने व भड़काऊ पोस्ट डालने के लिए गिरफ्तार किया गया था।