झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच एक 'स्पाइडरमैन' नजर आया। पुलिस की वाटर कैनन और धक्का-मुक्की के बीच सुपरहीरो के वेश में आए इस प्रदर्शनकारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो लोड हो रहा है...

मुख्य बिंदु

  • JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का 17वां दिन का प्रदर्शन।
  • स्पाइडरमैन की वेशभूषा में एक प्रदर्शनकारी ने सरकार की 'बहरों' जैसी चुप्पी पर निशाना साधा।
  • पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
  • छात्रों की मुख्य मांग CBI जांच और विवादित परीक्षाओं को रद्द करना है।

झारखंड की राजधानी रांची की सड़कें एक बार फिर छात्रों के आक्रोश से गूंज उठीं। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सोमवार को हजारों अभ्यर्थी विधानसभा घेराव के लिए निकले। यह आंदोलन अपने 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन छात्रों का जोश कम होने के बजाय और बढ़ता जा रहा है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ यह मार्च जब विधानसभा की ओर बढ़ा, तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी टकराव हुआ।

इस तनावपूर्ण माहौल के बीच एक अनोखा दृश्य तब सामने आया जब एक युवक स्पाइडरमैन के मास्क और वेशभूषा में बैरिकेड्स पर चढ़ गया। उसने कैमरे के सामने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, "मैं झारखंड इसलिए आया हूं क्योंकि यहां की आवाजें सरकार के कानों तक नहीं पहुंच रही हैं। आपकी सरकार हमें सुनना नहीं चाहती।" यह वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग विरोध प्रदर्शन के एक रचनात्मक लेकिन कड़े तरीके के रूप में देख रहे हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, जब युवाओं का लोकतांत्रिक विरोध उपेक्षित महसूस करता है, तो वे ध्यान खींचने के लिए 'पॉप-कल्चर' प्रतीकों (जैसे सुपरहीरो) का सहारा लेते हैं। यह दर्शाता है कि छात्र अब केवल नारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी मांगों को नजरअंदाज न किया जा सके।

"प्रतिक्षा और निराशा जब चरम पर होती है, तो विरोध के तरीके अपरंपरागत हो जाते हैं, जो प्रशासन के लिए एक चेतावनी संकेत है।"

प्रदर्शन के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा। कई छात्र बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश करते दिखे, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की में शामिल थे। वहीं, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो को स्ट्रेचर और एंबुलेंस के जरिए विधानसभा तक लाया गया, जो इस आंदोलन की गंभीरता और छात्रों के समर्पण को दर्शाता है।

छात्रों की मुख्य मांगें प्रशासन का वर्तमान रुख
विवादित JSSC-CGL परीक्षाओं को रद्द करना जांच जारी / आंशिक आश्वासन
पूरे मामले की CBI जांच अस्वीकृत/स्थानीय जांच पर जोर
पारदर्शी परीक्षा कैलेंडर का प्रकाशन प्रक्रियाधीन
क्या आप जानते हैं?: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के खिलाफ यह सबसे लंबे समय तक चलने वाले छात्र आंदोलनों में से एक बन गया है, जो प्रशासनिक पारदर्शिता की गहरी कमी को उजागर करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: छात्र मुख्य रूप से किन परीक्षाओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं?
उत्तर: छात्र मुख्य रूप से JPSC और JSSC (विशेषकर CGL) की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रश्न 2: प्रदर्शनकारियों की सबसे बड़ी मांग क्या है?
उत्तर: उनकी सबसे प्रमुख मांग विवादित परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराना है।