विशाखापत्तनम के इंदिरा गांधी जूलॉजिकल पार्क (IGZP) में पशु गोद लेने की पहल के तहत दो परिवारों ने पांच जानवरों को गोद लिया है। इस नेक पहल के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय योगदान दिया गया है।
मुख्य बातें
- दो परिवारों ने मिलकर कुल 5 जानवरों को गोद लिया।
- कुल ₹82,000 का योगदान वन्यजीव संरक्षण के लिए दिया गया।
- गोद लेने वाले जानवरों में तेंदुआ, चित्तीदार हिरण और मीरकैट शामिल हैं।
- दानदाताओं को आयकर अधिनियम की धारा 80G(5) के तहत टैक्स छूट मिलेगी।
विशाखापत्तनम स्थित इंदिरा गांधी जूलॉजिकल पार्क (IGZP) ने अपने 'एनिमल एडॉप्शन प्रोग्राम' के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है। हाल ही में, दो अलग-अलग परिवारों ने इस कार्यक्रम में रुचि दिखाते हुए कुल पांच जानवरों की जिम्मेदारी ली है।
पहले मामले में, वी. निशकला नक्षत्र ने अपने जन्मदिन के अवसर पर एक चित्तीदार हिरण और एक स्टार कछुए को गोद लिया। इसके साथ ही, उन्होंने वी. आरिक निहाल के साथ मिलकर एक मीरकैट को भी एक वर्ष के लिए गोद लिया, जिसके लिए उन्होंने ₹50,000 का योगदान दिया।
वहीं, उत्तर प्रदेश से आए एक अन्य परिवार ने चिड़ियाघर के भ्रमण के दौरान इस योजना से प्रभावित होकर एक रेड-नेक्ड वैलाबी को एक वर्ष के लिए और एक तेंदुए को एक महीने के लिए गोद लिया। इस परिवार ने संरक्षण कोष में ₹32,000 का योगदान दिया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, इस तरह के निजी गोद लेने के कार्यक्रम सरकारी चिड़ियाघरों पर वित्तीय बोझ को कम करते हैं और जानवरों के बेहतर आहार और स्वास्थ्य देखभाल को सुनिश्चित करते हैं। यह नागरिकों और वन्यजीवों के बीच एक भावनात्मक संबंध स्थापित करता है, जो भविष्य में संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देता है।
"पशु गोद लेने की योजनाएं न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं, बल्कि समाज में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता भी पैदा करती हैं।"
क्यूरेटर जी. मंगम्मा ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम के तहत दिए गए दान आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G(5) के तहत कर छूट के पात्र हैं, जिससे यह परोपकारी कार्य और अधिक आकर्षक हो जाता है।
| गोद लेने वाला | पशु | अवधि | योगदान |
|---|---|---|---|
| निशकला नक्षत्र और आरिक निहाल | हिरण, कछुआ, मीरकैट | 1 वर्ष | ₹50,000 |
| यूपी परिवार | वैलाबी, तेंदुआ | 1 माह - 1 वर्ष | ₹32,000 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: पशु गोद लेने का मतलब क्या है?
इसका मतलब यह नहीं है कि जानवर घर ले जाया जाएगा, बल्कि गोद लेने वाला व्यक्ति उस जानवर के भोजन और चिकित्सा देखभाल का खर्च उठाता है।
प्रश्न 2: क्या इस दान पर टैक्स छूट मिलती है?
हाँ, आयकर अधिनियम की धारा 80G(5) के तहत यह योगदान कर छूट के योग्य है।