Indeed के हायरिंग कॉन्फिडेंस इंडेक्स ने पाया कि भारतीय नौकरी चाहने वाले सबसे अधिक चुप्पी के बाद आवेदन करने से निराश होते हैं। सर्वेक्षण में स्पष्ट समयसीमा, निष्पक्ष मूल्यांकन और एआई उपयोग पर पारदर्शिता की मांग उजागर हुई।
- 29% नौकरी चाहने वाले आवेदन करने के बाद चुप्प रहने को सबसे अधिक हताशा का कारण मानते हैं।
- उम्मीदवार स्पष्ट भूमिका अपेक्षाओं, पारदर्शी भर्ती समयसीमा और अर्थपूर्ण रिक्रूटर बातचीत की मांग करते हैं।
- 54% नौकरी चाहने वाले कौशल मूल्यांकन को रेज्यूमे की तुलना में अधिक निष्पक्ष मानते हैं।
भारत की भर्ती प्रक्रिया में एक विश्वास की कमी है, जिसमें नौकरी चाहने वाले अधिक पारदर्शिता, स्पष्ट संचार और निष्पक्ष मूल्यांकन की मांग कर रहे हैं, Indeed के पहले हायरिंग कॉन्फिडेंस इंडेक्स के अनुसार।
नौकरी चाहने वालों की अपेक्षाएँ
India Today Education Desk द्वारा अद्यतन: 3 सितंबर, 2026, 13:35 IST
रिपोर्ट में पाया गया कि नौकरी चाहने वाले हर आवेदन से नौकरी की उम्मीद नहीं रखते, पर वे प्रक्रिया के दौरान अपनी स्थिति जानना चाहते हैं। स्पष्ट भूमिका अपेक्षाएँ (27 %), पारदर्शी भर्ती समयसीमा (23 %) और अर्थपूर्ण रिक्रूटर बातचीत (19 %) सकारात्मक अनुभव के प्रमुख चालक हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि स्पष्ट संचार और पारदर्शिता नौकरी चाहने वालों को उनके पद की स्थिति समझने में मदद करती है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में भरोसा बढ़ता है।
"नौकरी ढूंढना एक ब्लैक होल में आवेदन भेजने जैसा नहीं होना चाहिए।" - रोहन सिल्वेस्टर, टैलेंट स्ट्रेटेजी एडवाइज़र, Indeed
Frequently Asked Questions
- नौकरी चाहने वाले सबसे अधिक किस बात से निराश होते हैं?
- कौशल‑आधारित भर्ती क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?