एल नीनो के खतरों के बावजूद भारतीय मानसून थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
मुख्य बिंदु
- 12 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना।
- ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का अलर्ट।
- मानसून ट्रफ और शियर जोन की सक्रियता से बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
भारत में मानसून की गतिविधियां अभी भी चरम पर हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) विकसित हो सकता है। यह प्रणाली मानसून के लिए एक नए इंजन की तरह काम करेगी, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में वर्षा की तीव्रता बढ़ेगी।
विशेष रूप से ओडिशा में 12 से 14 अगस्त के बीच भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों, जिनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं, वहां भी इस सप्ताह छिटपुट भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आमतौर पर अगस्त के अंत तक मानसून की तीव्रता कम होने लगती है, लेकिन इस बार वायुमंडलीय अस्थिरता और 'शियर जोन' की मौजूदगी ने खेल बदल दिया है। जब दुनिया भर के मौसम विज्ञानी एल नीनो (El Niño) के प्रभाव से मानसून के कमजोर होने की आशंका जता रहे थे, तब इस नए सिस्टम का उभरना कृषि और जल स्तर के लिए एक संजीवनी साबित हो सकता है।
"बंगाल की खाड़ी में बनने वाला यह नया सिस्टम मानसून को वह अतिरिक्त ऊर्जा प्रदान करेगा, जो एल नीनो के नकारात्मक प्रभावों को बेअसर करने के लिए आवश्यक है।"
मौसम विज्ञान के नजरिए से, मानसून ट्रफ का अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में होना भी एक महत्वपूर्ण कारक है। यह ट्रफ भारत भर में बारिश लाने वाली प्रणालियों के लिए एक मुख्य गलियारे के रूप में कार्य करता है, जिससे यह निर्धारित होता है कि किन क्षेत्रों में निरंतर वर्षा होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: किन राज्यों में सबसे अधिक बारिश की संभावना है?
उत्तर: ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश की संभावना है।
प्रश्न 2: क्या एल नीनो का प्रभाव मानसून पर नहीं पड़ेगा?
उत्तर: एल नीनो आमतौर पर बारिश कम करता है, लेकिन वर्तमान में बन रहे नए कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ इसकी भरपाई कर रहे हैं।