चंडीगढ़ में बिजली के निजीकरण के बाद बिलिंग संबंधी शिकायतों में भारी उछाल आया है, जबकि केंद्र सरकार उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिलों की तुलनात्मक रिपोर्ट पेश करने से बच रही है।

मुख्य बातें

  • चंडीगढ़ में बिजली के निजीकरण के बाद 2025-26 के दौरान 9,257 बिलिंग शिकायतें दर्ज की गईं।
  • सांसद मनीष तिवारी के सवाल पर केंद्र ने निजीकरण से पहले और बाद के औसत बिजली बिलों का डेटा नहीं दिया।
  • स्मार्ट मीटरों का विस्तार अभी भी सीमित है, केवल 27,100 मीटर ही स्थापित किए गए हैं।

चंडीगढ़ में बिजली क्षेत्र के निजीकरण के कुछ महीनों बाद, एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (CPDL) के खिलाफ 9,257 बिलिंग संबंधी शिकायतें दर्ज की गईं। यह आंकड़ा तब सामने आया है जब 1 नवंबर, 2025 से शहर में एक नया टैरिफ शासन लागू हुआ है।

डेटा छिपाने का आरोप

चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने संसद में एक प्रश्न पूछा था जिसमें उन्होंने निजीकरण से पहले और बाद के औसत बिजली बिलों की श्रेणी-वार तुलना मांगी थी। हालांकि, केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने इस बुनियादी डेटा को साझा करने से परहेज किया। तिवारी ने सरकार के इस रवैये की आलोचना करते हुए इसे 'भ्रम पैदा करने की कला' करार दिया।

सरकार ने उपभोक्ताओं के सबसे बुनियादी सवाल—कि क्या उनके बिल बढ़े हैं या कम हुए हैं—का सीधा जवाब देने के बजाय नियामक ढांचे का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया है।

स्मार्ट मीटर और परिचालन दक्षता

रिपोर्ट के अनुसार, निजीकरण के बाद केवल 2,037 नए स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, जिससे कुल संख्या 27,100 तक पहुंच गई है। तिवारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि चंडीगढ़ के उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाना वैकल्पिक है, अनिवार्य नहीं।

BozokMedia विश्लेषण

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जब भी सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण किया जाता है, पारदर्शिता सबसे बड़ा मुद्दा बन जाती है। बिलों की तुलनात्मक रिपोर्ट न देना जनता के बीच अविश्वास पैदा कर सकता है, विशेषकर तब जब शिकायतों की संख्या इतनी अधिक हो।

तुलनात्मक डेटा का अभाव

विवरणपूर्व-निजीकरण (अनुमानित)पश्चात-निजीकरण (CPDL)
औसत बिल तुलनाउपलब्ध नहींडेटा प्रदान नहीं किया गया
कुल बिलिंग शिकायतेंअज्ञात9,257
स्मार्ट मीटर स्थितिअनिवार्य नहीं27,100 (कुल)
क्या आप जानते हैं?: चंडीगढ़ में बिजली वितरण का कार्य अब इंजीनियरिंग विभाग के बजाय पूरी तरह से निजी हाथों (CPDL) में चला गया है।

Frequently Asked Questions

1. चंडीगढ़ में बिजली के लिए कौन जिम्मेदार है?
वर्तमान में, चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (CPDL) बिजली वितरण और खुदरा आपूर्ति का कार्य संभाल रही है।

2. क्या स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है?
नहीं, चंडीगढ़ में स्मार्ट मीटर लगाना उपभोक्ताओं के लिए वैकल्पिक है।