मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ₹1,519 करोड़ की सीड एक्सेस रोड के दूसरे चरण और दो महत्वपूर्ण स्टील पुलों का लोकार्पण किया। यह परियोजना राजधानी क्षेत्र को विजयवाड़ा और मंगलगिरी से सीधे जोड़कर कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
मुख्य बातें
- ₹1,519 करोड़ की लागत से निर्मित सीड एक्सेस रोड का दूसरा चरण शुरू हुआ।
- दो नए स्टील पुल (110 मीटर और 280 मीटर) विजयवाड़ा और मंगलगिरी के बीच संपर्क सुधारेंगे।
- तीसरे चरण में राजधानी को NH-16 से जोड़ने की योजना है।
- अमरावती को AI और क्वांटम-कंप्यूटिंग हब के साथ एक 'डीप-टेक' राजधानी बनाने का लक्ष्य।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को अमरावती के उंडवल्ली में सीड एक्सेस रोड (E-3) के दूसरे चरण और दो विशाल स्टील पुलों का उद्घाटन किया। उन्होंने इस विकास कार्य को राजधानी शहर के निर्माण की दिशा में पहला बड़ा और ऐतिहासिक कदम बताया। इस अवसर पर नगर प्रशासन और शहरी विकास मंत्री पी. नारायण और अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।
कनेक्टिविटी में बड़ा उछाल
इस परियोजना के तहत विकसित की गई सड़क रायपुडी से वेनकटपालम, पेनुमाका और उंडवल्ली से होकर गुजरती है। इसके साथ ही, दो नए स्टील पुलों के खुलने से अमरावती को विजयवाड़ा और मंगलगिरी से सीधा सड़क संपर्क मिल गया है। इनमें से एक पुल बकिंघम नहर पर 110 मीटर का है, जबकि दूसरा कोंडावीटी वागु और गुंटूर चैनल पर 280 मीटर लंबा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह विकास?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बुनियादी ढांचागत विकास केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमरावती को एक वैश्विक स्तर के शहर के रूप में स्थापित करने की नींव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरावती को एक प्रदूषण मुक्त 'डीप-टेक' राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और क्वांटम-कंप्यूटिंग हब शामिल होंगे।
"अमरावती केवल एक ग्राफिक्स प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह एक जीवंत वास्तविकता बन रहा है जो भारत के शीर्ष पांच शहरों में शामिल होगा।" - मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू
मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान को भी याद किया, जिन्होंने राजधानी के लिए लगभग 34,000 एकड़ भूमि प्रदान की थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने 190 किमी लंबे बाहरी रिंग रोड और 96 किमी लंबे आंतरिक रिंग रोड को मंजूरी दे दी है, जिससे इस पूरे क्षेत्र का विकास सुनिश्चित होगा।
परियोजना का तुलनात्मक विवरण
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| कुल लागत | ₹1,519 करोड़ |
| पुल की लंबाई (1) | 110 मीटर (बकिंघम नहर) |
| पुल की लंबाई (2) | 280 मीटर (कोंडावीटी वागु) |
| लक्ष्य वर्ष | 2028 (प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन की संभावना) |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. सीड एक्सेस रोड का तीसरा चरण क्या करेगा?
तीसरा चरण राजधानी क्षेत्र को नेशनल हाईवे 16 (NH-16) से जोड़ने का काम करेगा।
2. अमरावती के विकास का मुख्य विजन क्या है?
अमरावती को एक प्रदूषण मुक्त, डीप-टेक राजधानी बनाना जिसमें आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचा हो।