आंध्र प्रदेश के नगर प्रशासन एवं शहरी विकास मंत्री पी. नारायण ने अमरावती के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है, जिसमें 93 प्रमुख परियोजनाएं वर्तमान में क्रियान्वयन के अधीन हैं।

  • कुल 119 प्रस्तावित परियोजनाओं में से 93 वर्तमान में कार्यान्वित की जा रही हैं।
  • वर्ल्ड बैंक, ADB, HUDCO, NABARD और NaBFID से ₹41,188 करोड़ का वित्तीय सहयोग प्राप्त।
  • लैंड पूलिंग स्कीम के तहत 30,173 किसानों को 71,299 रिटर्न योग्य प्लॉट आवंटित।

विधानसभा में एक विस्तृत विवरण देते हुए, नगर प्रशासन एवं शहरी विकास (MA&UD) मंत्री पी. नारायण ने अमरावती की प्रगति पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। मंत्री ने पुष्टि की कि राजधानी शहर का विकास तेजी से हो रहा है और वर्तमान में 93 प्रमुख परियोजनाएं निष्पादन के अधीन हैं। कुल 119 प्रस्तावित परियोजनाओं में से 103 के लिए अवार्ड लेटर (LoA) जारी किए जा चुके हैं, जबकि चार परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।

शहर के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 'लैंड पूलिंग स्कीम' (LPS) है। मंत्री नारायण ने बताया कि उन 30,173 किसानों को 71,299 रिटर्न योग्य प्लॉट आवंटित किए गए हैं, जिन्होंने राजधानी के निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी। ये प्लॉट पूल्ड भूमि के कुल क्षेत्रफल का लगभग 98% हिस्सा हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि स्थानीय समुदाय शहरी विकास में भागीदार बना रहे।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ₹41,188 करोड़ का भारी निवेश अमरावती की व्यवहार्यता में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू विश्वास को दर्शाता है। वर्ल्ड बैंक और ADB जैसे संस्थानों का समर्थन यह संकेत देता है कि सरकार केवल एक शहर नहीं, बल्कि एक वैश्विक वित्तीय और प्रशासनिक केंद्र बना रही है। किसानों को प्लॉट वापस देना सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की एक रणनीतिक चाल है।

ICT और प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग्स का एकीकरण यह दर्शाता है कि अमरावती को एक पारंपरिक प्रशासनिक केंद्र के बजाय 'स्मार्ट सिटी' के रूप में डिजाइन किया जा रहा है।

मंत्री के बयान में वित्तीय पारदर्शिता पर जोर दिया गया। वर्ष 2024 से अब तक बुनियादी ढांचे पर लगभग ₹12,732 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 2014 से अब तक किसानों को ₹2,249 करोड़ की वार्षिक राशि (annuity) का भुगतान किया गया है, जिससे उन वादों को पूरा किया जा रहा है जो भूमि अधिग्रहण के समय किए गए थे।

बुनियादी ढांचे के ढांचे को चरणों में विकसित किया जा रहा है ताकि शहरी अव्यवस्था से बचा जा सके। इसमें स्टॉर्म वॉटर ड्रेन, आधुनिक सीवर सिस्टम, पावर ग्रिड, ICT कनेक्टिविटी और जल आपूर्ति नेटवर्क का विकास शामिल है। इसके अतिरिक्त, कई प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग और MEP (मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग) कार्य विभिन्न चरणों में पूरे किए जा रहे हैं।

क्या आप जानते हैं?: लैंड पूलिंग स्कीम (LPS) दुनिया के सबसे बड़े स्वैच्छिक भूमि अधिग्रहण अभ्यासों में से एक है, जिसका उद्देश्य बिना जबरन विस्थापन के शहर बसाना है।
पैमाना/मीट्रिक विवरण/मूल्य
कुल प्रस्तावित परियोजनाएं 119
क्रियान्वयन के अधीन परियोजनाएं 93
कुल सुरक्षित वित्त पोषण ₹41,188 करोड़
2024 से अब तक खर्च ₹12,732 करोड़

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: अमरावती में लैंड पूलिंग स्कीम से कितने किसानों को लाभ हुआ?
उत्तर: कुल 30,173 किसानों को 71,299 रिटर्न योग्य प्लॉट आवंटित किए गए।

प्रश्न 2: अमरावती परियोजना को कौन से संगठन वित्तपोषित कर रहे हैं?
उत्तर: वर्ल्ड बैंक, ADB, HUDCO, NABARD और NaBFID से फंडिंग प्राप्त हुई है।