रॉयल नेवी के घरेलू बेस अब सस्ते ड्रोन और मानवरहित हथियारों के कारण गंभीर खतरे में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बंदरगाहों पर जहाजों की सुरक्षा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे कमजोर स्तर पर है।

  • पोर्ट्समाउथ जैसे प्रमुख नौसैनिक अड्डों पर हवाई सुरक्षा की गंभीर खामियां उजागर हुई हैं।
  • सस्ते ड्रोन और मानवरहित सतह जहाजों (USVs) ने पारंपरिक नौसैनिक सुरक्षा को अप्रभावी बना दिया है।
  • 'ऑपरेशन स्पाइडरवेब' जैसे उदाहरण दिखाते हैं कि कैसे कम लागत वाले हथियार रणनीतिक संपत्तियों को तबाह कर सकते हैं।

हाल के दिनों में रॉयल नेवी (RN) के घरेलू अड्डों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पूर्व रक्षा मंत्री टोबियास एलवुड ने पोर्ट्समाउथ में दो विमान वाहक जहाजों के ऊपर एक हल्के विमान को बिना किसी रोक-टोक के उड़ाकर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। हालांकि रक्षा मंत्रालय का तर्क है कि यह उड़ान किसी नियम का उल्लंघन नहीं थी, लेकिन इस घटना ने एक बड़े डर को जन्म दिया है कि क्या ब्रिटेन अपनी सबसे मूल्यवान सैन्य संपत्तियों की रक्षा करने की मानसिकता में है।

सुरक्षा विशेषज्ञों, जिनमें पूर्व डिप्टी सुप्रीम एलाइड कमांडर यूरोप जनरल रिचर्ड शिरेफ शामिल हैं, का कहना है कि यह स्थिति 'आत्मसंतुष्टि' (complacency) का परिणाम है। पोर्ट्समाउथ में स्थायी हवाई प्रतिबंधों की कमी एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है, लेकिन आज के युग में जहाँ उपग्रह इमेजरी और छोटे ड्रोन आम हैं, वहां केवल नियमों के भरोसे रहना खतरनाक है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि युद्ध की प्रकृति बदल चुकी है। अब केवल मिसाइलों या बड़े जहाजों से खतरा नहीं है, बल्कि 'असिमेट्रिक वॉरफेयर' (Asymmetric Warfare) का दौर है। जब सस्ते और आसानी से उपलब्ध ड्रोन महंगे युद्धपोतों को नष्ट कर सकते हैं, तो पारंपरिक बंदरगाह सुरक्षा बेकार हो जाती है। यह न केवल ब्रिटेन के लिए, बल्कि दुनिया भर की नौसेनाओं के लिए एक चेतावनी है।

"निश्चित और उच्च-मूल्य वाली संपत्तियां, जो खुले में खड़ी रहती हैं, अब उन हथियारों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं जिन्हें कोई भी खरीद सकता है और छिपा सकता है।"

इस खतरे को समझने के लिए जून 2025 के 'ऑपरेशन स्पाइडरवेब' को देखा जा सकता है, जहाँ रूस के भीतर साधारण ट्रकों में छिपाकर लाए गए सौ से अधिक सस्ते ड्रोन ने रणनीतिक बमवर्षक हवाई क्षेत्रों पर हमला किया, जिससे 40 विमान क्षतिग्रस्त हुए। इसी तरह, यूक्रेन ने अपने मानवरहित सतह जहाजों (USV) के जरिए रूस की ब्लैक सी फ्लीट को सेवस्तोपोल छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

एक और बड़ा खतरा 'समुद्री ट्रोजन हॉर्स' (Maritime Trojan Horse) का है। कल्पना कीजिए कि इंग्लिश चैनल में एक साधारण व्यापारिक जहाज आ रहा है, जिसके कंटेनरों में शाहेद-टाइप के ड्रोन छिपे हों। एक बार बंदरगाह के करीब पहुँचने पर, इन्हें लॉन्च किया जा सकता है, जिससे सुरक्षा बलों को यह पता लगाने में समय लगेगा कि हमला कहाँ से हुआ।

एफबीआई (FBI) ने भी चेतावनी दी है कि ईरान ने कैलिफोर्निया के तट पर अज्ञात जहाजों से ड्रोन हमले करने की योजना बनाई थी। समस्या यह है कि व्यापार और पर्यटन को प्रभावित किए बिना हर कंटेनर की जांच करना लगभग असंभव है। नवंबर 2024 में अमेरिकी ठिकानों पर हुए रहस्यमय ड्रोन incursions इस खतरे की वास्तविकता को और पुख्ता करते हैं।

क्या आप जानते हैं?: यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने रूस की ब्लैक सी फ्लीट को अपने मुख्य बेस सेवस्तोपोल से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया, जो आधुनिक नौसैनिक इतिहास में एक दुर्लभ घटना है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या पोर्ट्समाउथ बेस पर हवाई सुरक्षा पूरी तरह गायब है?
उत्तर: नहीं, रक्षा मंत्रालय आवश्यकतानुसार अस्थायी प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र (NOTAM) लागू करता है, लेकिन वहां स्थायी प्रतिबंध नहीं हैं।

प्रश्न 2: 'ऑपरेशन स्पाइडरवेब' क्या था?
उत्तर: यह एक ऐसा हमला था जिसमें कम लागत वाले ड्रोन्स को साधारण ट्रकों में छिपाकर रणनीतिक हवाई अड्डों तक पहुँचाया गया और फिर लॉन्च किया गया।