भारत सरकार आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के विभाजन और लुटियंस दिल्ली से कृषि भवन सहित प्रमुख मंत्रालयों को नेताजी नगर स्थानांतरित करने की तैयारी कर रही है।
- आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को 'पूंजी विकास विभाग' और 'शहरी विकास विभाग' में विभाजित किया गया।
- कृषि और पशुपालन मंत्रालय पुनर्विकास के लिए कृषि भवन को खाली कर देंगे।
- पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर भाजपा कार्यक्रम में दुर्लभ उपस्थिति दर्ज कराई।
भारत की राजधानी के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। जुलाई में कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के बाद, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) को दो अलग-अलग विभागों में विभाजित कर दिया गया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव के कई हफ्तों बाद भी दोनों नए विभाग अपने अधिकार क्षेत्रों को लेकर तालमेल बिठाने में संघर्ष कर रहे हैं।
इस विभाजन ने शासन में एक जटिल स्थिति पैदा कर दी है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) और एनबीसीसी (NBCC), जो मंत्रालय की दो निर्माण शाखाएं हैं, उन्हें पूंजी विकास विभाग के तहत रखा गया है। विडंबना यह है कि इन दोनों संस्थाओं की अधिकांश परियोजनाएं दिल्ली से बाहर हैं। इसी तरह, शहरी परिवहन का विषय शहरी विकास विभाग के पास है, जबकि दिल्ली मेट्रो (DMRC) और NCRTC को पूंजी विकास विभाग के अधीन रखा गया है, जबकि DMRC देश के कई अन्य शहरों में मेट्रो परियोजनाओं के लिए सलाहकार के रूप में कार्य करता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह विभाजन राजधानी की विशिष्ट बुनियादी ढांचागत जरूरतों को व्यापक राष्ट्रीय शहरी नीतियों से अलग करने का एक रणनीतिक प्रयास है। हालांकि, वर्तमान भ्रम यह दर्शाता है कि शहरी बुनियादी ढांचे की डिलीवरी में नौकरशाही बाधाओं से बचने के लिए एक अधिक स्पष्ट नियामक ढांचे की आवश्यकता है।
MoHUA का वर्तमान विभाजन यह दर्शाता है कि शहर-विशिष्ट प्रशासन को राष्ट्रीय स्तर की शहरी विकास एजेंसियों से अलग करना कितना चुनौतीपूर्ण है।
इन प्रशासनिक बदलावों के साथ-साथ लुटियंस दिल्ली में एक बड़ा वास्तुशिल्प परिवर्तन होने जा रहा है। स्वतंत्रता के बाद के सबसे पुराने सरकारी कार्यालयों में से एक, कृषि भवन को जल्द ही ढहाया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप, कृषि मंत्रालय और पशुपालन मंत्रालय लुटियंस दिल्ली को पूरी तरह से छोड़कर दक्षिण दिल्ली के नेताजी नगर स्थित सरकारी कार्यालय परिसर में स्थानांतरित हो जाएंगे।
कृषि भवन और पड़ोसी शास्त्री भवन के स्थलों को नए सचिवालय भवनों के रूप में पुनर्विकसित किया जाएगा, ताकि भारत के प्रशासनिक केंद्र को आधुनिक बनाया जा सके और बढ़ती शासन आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
एक अन्य महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में, पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को दिल्ली में एक भाजपा कार्यक्रम में दुर्लभ उपस्थिति दर्ज कराई। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 8वीं पुण्यतिथि के अवसर पर नायडू ने 25 अटल कैंटीन का उद्घाटन किया। 2017 में उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार बनने के बाद भाजपा से इस्तीफा देने वाले नायडू आमतौर पर पार्टी के कार्यक्रमों से दूर रहते हैं। इस दौरान उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा के लोकसभा सांसदों के साथ समय बिताया।
| विभाग | प्रमुख संस्थाएं/विषय | मुख्य फोकस/द्वंद्व |
|---|---|---|
| पूंजी विकास विभाग | CPWD, NBCC, DMRC, NCRTC | दिल्ली की संपत्तियां बनाम बाहरी परियोजनाएं |
| शहरी विकास विभाग | शहरी परिवहन (सामान्य) | राष्ट्रीय शहरी नीति और परिवहन ढांचा |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: कृषि और पशुपालन मंत्रालय कहाँ स्थानांतरित हो रहे हैं?
वे दक्षिण दिल्ली के नेताजी नगर स्थित सरकारी कार्यालय परिसर में जा रहे हैं।
प्रश्न 2: MoHUA के विभाजन से भ्रम क्यों पैदा हो रहा है?
क्योंकि CPWD और DMRC जैसे संगठनों को पूंजी विकास विभाग में रखा गया है, जबकि उनका काम पूरे भारत में फैला हुआ है।