सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया गया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रगान का अपमान किया, लेकिन जांच में यह वीडियो एडिटेड पाया गया है। मूल वीडियो में राष्ट्रगान बज ही नहीं रहा था।

  • पीएम मोदी द्वारा राष्ट्रगान के दौरान चलने का दावा करने वाला वीडियो फर्जी है।
  • बिहार के सीवान कार्यक्रम का मूल फुटेज दिखाता है कि वहां राष्ट्रगान नहीं बज रहा था।
  • वीडियो को गलत तरीके से एडिट कर उसमें राष्ट्रगान का ऑडियो जोड़ा गया था।

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के बाद, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर X पर एक विवादित वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस क्लिप में दावा किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रगान बजने के दौरान मंच पर चल रहे थे और लोगों का अभिवादन कर रहे थे, जिसे राष्ट्रगान के अपमान के रूप में पेश किया गया।

हालांकि, इंडिया टुडे फैक्ट चेक द्वारा किए गए गहन विश्लेषण से पता चला है कि यह वीडियो पूरी तरह से एडिटेड है। मूल फुटेज, जिसे 21 जून, 2025 को प्रधानमंत्री के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था, सीवान, बिहार के एक कार्यक्रम का है। असली वीडियो में कोई राष्ट्रगान नहीं है; इसके बजाय, एक महिला की आवाज प्रधानमंत्री के आगमन की घोषणा कर रही है और उनका स्वागत कर रही है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना 'चीप-फेक्स' (cheap-fakes) की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है। ये वे वीडियो होते हैं जिन्हें AI से नहीं, बल्कि साधारण एडिटिंग और ऑडियो हेरफेर के जरिए बनाया जाता है ताकि जनता को गुमराह किया जा सके। डिजिटल युग में, ऐसे फर्जीवाड़े का उपयोग अक्सर भावनात्मक प्रतिक्रियाएं पैदा करने के लिए किया जाता है।

प्रामाणिक वीडियो पर ऑडियो ट्रैक बदलना डिजिटल दुष्प्रचार का एक बढ़ता हुआ चलन है, जिसे आम दर्शकों के लिए पकड़ना मुश्किल होता है।

घटना की अधिक जांच से पता चला कि प्रधानमंत्री सीवान में 5,900 करोड़ रुपये से अधिक की 28 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने गए थे। इसमें पटना और गोरखपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन भी शामिल था। भारत सरकार के आधिकारिक चैनलों पर पूरे कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग की जांच करने पर पाया गया कि उस समय राष्ट्रगान नहीं बज रहा था।

वायरल दावे और वास्तविक तथ्यों के बीच का अंतर इस तालिका में स्पष्ट है:

विशेषतावायरल क्लिपमूल फुटेज
ऑडियो ट्रैकराष्ट्रगानकार्यक्रम घोषणा/स्वागत
संदर्भकथित अपमानसीवान कार्यक्रम में आगमन
स्रोतअपुष्ट सोशल मीडियाआधिकारिक पीएमओ यूट्यूब चैनल
क्या आप जानते हैं?: भारत का राष्ट्रगान 'जन गण मन' मूल रूप से रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा बंगाली में लिखा गया था और इसे 24 जनवरी, 1950 को अपनाया गया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: मूल वीडियो कहाँ से आया था?
मूल वीडियो 21 जून, 2025 को पीएम मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था, जो बिहार के सीवान के एक कार्यक्रम का था।

प्रश्न 2: क्या कार्यक्रम के दौरान किसी भी समय राष्ट्रगान बजाया गया था?
आधिकारिक सरकारी चैनलों पर पूरे कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग देखने के बाद, उस विशेष दृश्य में राष्ट्रगान बजने का कोई प्रमाण नहीं मिला।