तमिलनाडु के तिरुवैयारु स्थित सिरुपुलियुर में एक व्यक्ति द्वारा मछली तालाब की खुदाई के दौरान दो प्राचीन ग्रेनाइट मूर्तियाँ बरामद हुई हैं, जिन्हें अब राजस्व अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
- तिरुवैयारु के सिरुपुलियुर गांव में दो प्राचीन ग्रेनाइट मूर्तियां मिलीं।
- मछली तालाब की खुदाई के दौरान आकस्मिक रूप से हुई यह खोज।
- मूर्तियों को सुरक्षित रूप से राजस्व अधिकारियों के सुपुर्द किया गया।
तमिलनाडु के तंजावुर जिले के तिरुवैयारु के पास स्थित सिरुपुलियुर गांव में रविवार को एक आश्चर्यजनक खोज हुई। यहाँ एक स्थानीय निवासी के घर के पिछले हिस्से में खुदाई के दौरान हिंदू देवी-देवताओं की दो प्राचीन ग्रेनाइट मूर्तियाँ मिलीं। यह घटना उस समय हुई जब स्थानीय निवासी अय्यप्पन ने अपने घर के पीछे एक मछली तालाब बनाने के लिए अर्थमूविंग मशीनरी (जेसीबी) का उपयोग किया।
खुदाई के दौरान, अय्यप्पन की नजर कुछ बड़े पत्थरों पर पड़ी जो देखने में मूर्तियों जैसे लग रहे थे। संदेह होने पर, उन्होंने मशीनरी का काम रुकवा दिया और मजदूरों को हाथों से सावधानीपूर्वक खुदाई करने का निर्देश दिया। इस मैनुअल उत्खनन के परिणामस्वरूप, जमीन के नीचे दबी हुई दो भव्य ग्रेनाइट मूर्तियाँ बाहर निकलीं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the Thanjavur region, known as the 'Rice Bowl of Tamil Nadu', is a treasure trove of Chola-era architecture and art. The discovery of these idols in a residential backyard suggests that many unexplored archaeological sites may still exist beneath the surface of rural Tamil Nadu, potentially rewriting local historical narratives.
"The accidental discovery of granite idols in residential areas highlights the need for systematic archaeological mapping in the Kaveri delta region."
ऐतिहासिक रूप से, तिरुवैयारु और तंजावुर क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भव्य मंदिरों के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। चोल साम्राज्य के दौरान इस क्षेत्र में कला और मूर्तिकला का चरम विकास हुआ था। ऐसी खोजें अक्सर यह संकेत देती हैं कि प्राचीन काल में यहाँ छोटे मंदिर या धार्मिक केंद्र रहे होंगे जो समय के साथ मिट्टी में दब गए।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मूर्तियाँ कहाँ मिली थीं?
उत्तर: ये मूर्तियाँ तमिलनाडु के तिरुवैयारु के पास सिरुपुलियुर गांव में एक निवासी के घर के पिछले आंगन में मिली थीं।
प्रश्न 2: अब मूर्तियों का क्या होगा?
उत्तर: मूर्तियों को राजस्व अधिकारियों को सौंप दिया गया है, जहाँ से उन्हें पुरातत्व विभाग को भेजा जाएगा।