कर्नाटक सरकार की मुख्यमंत्री सौर शक्ति योजना (CM-SKY) के तहत Bescom ने 500 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए टेंडर जारी किए हैं। इस पहल का उद्देश्य बंजर भूमि का उपयोग कर किसानों की आय बढ़ाना और कृषि पंपसेटों को निर्बाध बिजली प्रदान करना है।

  • Bescom का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक 500 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न करना है।
  • किसानों को अपनी बंजर भूमि के लिए ₹25,000 प्रति एकड़ वार्षिक किराया मिलेगा, जिसमें हर साल 5% की वृद्धि होगी।
  • परियोजना के माध्यम से कुल ₹10,500 करोड़ के निवेश की संभावना है।

बेंगलुरु: बैंगलोर एनर्जी सप्लाई कंपनी लिमिटेड (Bescom) ने राज्य की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सौर शक्ति योजना (CM-SKY) के कार्यान्वयन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। Bescom ने अपने अधिकार क्षेत्र में 500 मेगावाट (MW) सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करने के लिए औपचारिक रूप से निविदाएं (Tenders) आमंत्रित की हैं। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य दिसंबर 2026 तक बिजली उत्पादन शुरू करना है।

यह योजना केंद्र सरकार की PM-KUSUM योजना की तर्ज पर तैयार की गई है, जिसकी घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने मार्च 2026 के राज्य बजट में की थी। इस पहल के तहत, निजी कंपनियां ग्रिड से जुड़े मौजूदा कृषि पंपसेटों के सौरकरण (Solarisation) पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

बंजर भूमि का होगा सदुपयोग

Bescom के प्रबंध निदेशक एन. शिवशंकर के अनुसार, निजी कंपनियां किसानों के साथ 28 वर्षों का लीज समझौता करेंगी। सौर पैनल मुख्य रूप से ऐसी कृषि भूमि पर लगाए जाएंगे जो बंजर है या खेती के लिए उपयुक्त नहीं है, और जो कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPTCL) के सब-स्टेशनों के करीब स्थित है।

इस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसान अपनी अनुपयोगी भूमि से सालाना ₹25,000 प्रति एकड़ कमा सकेंगे। यह आधार मूल्य है, और सब-स्टेशन से निकटता के आधार पर निजी कंपनियां अधिक भुगतान भी कर सकती हैं। इसके अलावा, इस राशि में प्रति वर्ष 5% की वृद्धि का प्रावधान है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this strategic shift from traditional subsidies to a lease-based revenue model for farmers creates a sustainable ecosystem. By integrating solar production directly with KPTCL sub-stations, the state reduces transmission losses and ensures that farmers receive at least seven hours of uninterrupted daytime power, solving a perennial crisis in the agrarian sector.

"CM-SKY represents a paradigm shift in rural energy, transforming barren land into a productive asset while stabilizing the agricultural power grid."

वित्तीय ढांचा और वितरण

राज्य ऊर्जा विभाग का कुल लक्ष्य 1,000 मेगावाट बिजली उत्पन्न करना है। इसका वितरण इस प्रकार है: Bescom (500MW), Hescom (300MW), CESC (100MW), Mescom (40MW) और Gescom (60MW)।

विशेषता PM-KUSUM C CM-SKY (Bescom)
प्रति यूनिट भुगतान ₹2.89 ₹3.19
सब्सिडी/वित्तीय सहायता उपलब्ध है उपलब्ध नहीं है
मुख्य उद्देश्य सौर ऊर्जा उत्पादन कृषि पंपसेट सौरकरण और किसान आय

Bescom निजी विक्रेताओं से ₹3.19 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदेगा। यह दर PM-KUSUM योजना से अधिक है क्योंकि CM-SKY के तहत विक्रेताओं को कोई सरकारी सब्सिडी नहीं दी जा रही है।

क्या आप जानते हैं?: एक मेगावाट (1 MW) सौर ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए लगभग तीन से चार एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: CM-SKY योजना का मुख्य लाभ क्या है?
उत्तर: यह योजना किसानों को उनकी बंजर भूमि से वार्षिक आय प्रदान करती है और कृषि पंपसेटों के लिए दिन के समय निर्बाध बिजली सुनिश्चित करती है।

प्रश्न 2: इस परियोजना में कुल कितना निवेश आने की उम्मीद है?
उत्तर: विभाग के अनुसार, यदि प्रक्रिया बिना किसी बाधा के चलती है, तो इस वर्ष के अंत तक ₹10,500 करोड़ का निवेश आने की संभावना है।