छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रोफेसर और अनुभवी राजनीतिज्ञ दीपक म्हस्के को भाजपा का नया राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है। अमित मालवीय के बाद अब उन पर युवाओं से जुड़ने और पार्टी की डिजिटल छवि को नया रूप देने की बड़ी चुनौती होगी।

  • दीपक म्हस्के को भाजपा का नया राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है।
  • वह छत्तीसगढ़ में राज्य प्रवक्ता और सोशल मीडिया सेल के प्रमुख रह चुके हैं।
  • उनका मुख्य लक्ष्य 'रील्स' और डेटा विश्लेषण के माध्यम से युवा मतदाताओं को आकर्षित करना है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने संगठनात्मक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए दीपक म्हस्के को राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी है। छत्तीसगढ़ से आने वाले 58 वर्षीय म्हस्के, जो पेशे से रसायन विज्ञान (Chemistry) के प्रोफेसर रह चुके हैं, को पार्टी के भीतर एक कुशल रणनीतिकार और 'बैकरूम' खिलाड़ी के रूप में देखा जाता है।

उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भाजपा अपनी डिजिटल रणनीति को फिर से तैयार कर रही है ताकि वह नई पीढ़ी और युवा मतदाताओं के साथ अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ सके। नियुक्ति के तुरंत बाद जब उनसे युवाओं के साथ जुड़ाव पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सरल शब्दों में जवाब दिया कि पार्टी 'रील्स' के माध्यम से युवाओं तक पहुंचेगी, क्योंकि आज की युवा पीढ़ी इसी माध्यम पर सबसे अधिक सक्रिय है।

रणनीतिक बदलाव: मालवीय बनाम म्हस्के

दीपक म्हस्के का व्यक्तित्व उनके पूर्ववर्ती अमित मालवीय से काफी अलग माना जा रहा है। जहाँ मालवीय अपनी आक्रामक शैली और तीखे हमलों के लिए जाने जाते थे, वहीं म्हस्के को उनकी सौम्य और संतुलित शैली के लिए पहचाना जाता है। वह टीवी बहसों में कम नजर आते रहे हैं, लेकिन स्थानीय मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पार्टी का पक्ष मजबूती और शांति से रखने में माहिर रहे हैं।

दीपक म्हस्के की नियुक्ति यह संकेत देती है कि भाजपा अब डिजिटल युद्ध में आक्रामकता के बजाय डेटा-संचालित और संतुलित संवाद की ओर बढ़ रही है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह बदलाव केवल व्यक्ति का नहीं बल्कि दृष्टिकोण का है। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान, म्हस्के ने भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को सोशल मीडिया पर सफलतापूर्वक चलाया था। उनकी डेटा विश्लेषण क्षमता ने पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों में भी भाजपा की मदद की। वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने छत्तीसगढ़ में प्रभारी रहते हुए उनके काम को करीब से देखा था, जो इस नियुक्ति का एक मुख्य कारण माना जा रहा है।

म्हस्के के साथ उनकी टीम में प्रीति गांधी, आलोक भट्ट, शिवानंद द्विवेदी और अरुण यादव जैसे अनुभवी नाम शामिल होंगे। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती शासन (Governance) से जुड़े उन सवालों का जवाब देना है जो आधुनिक युवा पीढ़ी पूछ रही है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और अनुभव

एक महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले म्हस्के का संबंध जनसंघ और आरएसएस से रहा है। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कुछ वर्षों तक कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। इसके अलावा, वह जैविक खेती (Organic Farming) के प्रति भी गहरी रुचि रखते हैं और पिछले 35 वर्षों से कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। सोशल मीडिया के क्षेत्र में उनका 12 वर्षों का अनुभव उन्हें इस चुनौतीपूर्ण भूमिका के लिए उपयुक्त बनाता है।

क्या आप जानते हैं?: दीपक म्हस्के न केवल एक राजनीतिज्ञ हैं, बल्कि 35 वर्षों से अधिक समय से जैविक खेती और कृषि फसलों के विशेषज्ञ भी हैं।
विशेषताअमित मालवीय (पूर्व)दीपक म्हस्के (वर्तमान)
शैलीआक्रामक और प्रखरसौम्य और संतुलित
दृष्टिकोणहमले और पलटवारडेटा और विश्लेषण
मुख्य फोकसनैरेटिव सेट करनायुवा जुड़ाव (रील्स)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. दीपक म्हस्के कौन हैं?
दीपक म्हस्के छत्तीसगढ़ के एक पूर्व रसायन विज्ञान प्रोफेसर और भाजपा नेता हैं, जिन्हें अब राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है।

2. उनकी टीम में कौन-कौन शामिल है?
उनकी टीम में प्रीति गांधी, आलोक भट्ट, शिवानंद द्विवेदी और अरुण यादव शामिल हैं।