दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ ने फिटनेस फीस में वृद्धि और निजी नंबर प्लेट वाली बाइक टैक्सियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया है। संघ ने सरकार से ड्राइवरों के लिए वेलफेयर बोर्ड के गठन की मांग की है।

मुख्य बिंदु

  • ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए तत्काल वेलफेयर बोर्ड के गठन की मांग।
  • 20 साल से पुराने वाहनों की बढ़ी हुई फिटनेस फीस को वापस लेने की अपील।
  • निजी नंबर प्लेट वाली बाइक टैक्सियों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग।
  • काम के घंटे तय करने और परिवहन अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर।

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ ने केंद्र और दिल्ली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ऑटो और टैक्सी चालकों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी बुनियादी जरूरतों और आजीविका की चुनौतियों को नजरअंदाज कर रही है।

संघ के महासचिव राजेंद्र सोनी ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिक मांग 'ऑटो-टैक्सी ड्राइवर्स वेलफेयर बोर्ड' का गठन है, ताकि चालकों को सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ मिल सकें। इसके साथ ही, नवंबर 2025 में केंद्र के परिवहन मंत्रालय द्वारा 20 साल से पुराने वाहनों की फिटनेस जांच फीस में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की गई है, जिसे चालक अपनी आर्थिक स्थिति के लिए बोझ मान रहे हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन केवल फीस के बारे में नहीं है, बल्कि यह उभरते 'गिग इकोनॉमी' (Gig Economy) और पारंपरिक परिवहन सेवाओं के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। जब निजी नंबर प्लेट वाली बाइक टैक्सियां अवैध रूप से संचालित होती हैं, तो यह लाइसेंस प्राप्त ऑटो चालकों की कमाई को सीधे प्रभावित करती हैं।

"परिवहन क्षेत्र में विनियामक स्पष्टता की कमी और अनधिकृत सेवाओं का उदय पारंपरिक चालकों को आर्थिक संकट की ओर धकेल रहा है।"

इसके अलावा, संघ ने कार्य-जीवन संतुलन (Work-Life Balance) की मांग करते हुए काम के घंटे तय करने की अपील की है। उनका तर्क है कि बिना किसी निर्धारित समय सीमा के, चालक अत्यधिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। साथ ही, दिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

मांग का विषय वर्तमान स्थिति संघ की मांग
फिटनेस शुल्क नवंबर 2025 में वृद्धि पुरानी दरों पर वापसी
बाइक टैक्सी निजी नंबर प्लेट से संचालन पूर्ण प्रतिबंध
कल्याण बोर्ड अनुपस्थित तत्काल गठन
क्या आप जानते हैं?: दिल्ली में ऑटो-रिक्शा न केवल परिवहन का साधन हैं, बल्कि शहर की जीवन रेखा माने जाते हैं, जो मेट्रो की 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' को पूरा करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मुख्य उद्देश्य फिटनेस फीस में कटौती, वेलफेयर बोर्ड का गठन और अवैध बाइक टैक्सियों पर रोक लगाना है।

2. फिटनेस फीस में बदलाव कब हुआ था?
केंद्र के परिवहन मंत्रालय ने नवंबर 2025 में 20 साल से पुराने वाहनों के लिए फीस बढ़ाई थी।