बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की है, जिसमें हॉस्टलों, ढाबों और ई-कॉमर्स गोदामों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। जांच में कई खाद्य नमूनों को स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है।

  • बेंगलुरु में शॉर्मा और कबाब के कई नमूने असुरक्षित पाए गए, जिनमें कृत्रिम रंगों का उपयोग किया गया था।
  • सरकार ने 900 से अधिक सरकारी हॉस्टलों और 600 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों की जांच की।
  • ई-कॉमर्स खाद्य गोदामों और हाईवे ढाबों पर भारी जुर्माना लगाया गया।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FSDA) ने न केवल निजी रेस्टोरेंट्स, बल्कि सरकारी कैंटीन, हॉस्टलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी गहन छापेमारी की है।

इस अभियान के तहत, पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के 629 हॉस्टलों और समाज कल्याण विभाग के 331 हॉस्टलों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने इन हॉस्टलों से कुल 2,416 खाद्य नमूने एकत्र किए हैं। इसके अलावा, 603 आंगनवाड़ी केंद्रों की जांच की गई, जहां से 549 नमूने लैब विश्लेषण के लिए भेजे गए हैं।

शॉर्मा और कबाब में मिला मिलावट

शहर के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड जैसे शॉर्मा और कबाब की जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कुल 41 शॉर्मा और 21 कबाब के नमूनों में से 9 शॉर्मा और 1 कबाब का नमूना पूरी तरह असुरक्षित पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि अस्वास्थ्यकर प्रथाओं और कृत्रिम रंगों के उपयोग की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। अब संबंधित होटलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि शहरी केंद्रों में स्ट्रीट फूड का बढ़ता चलन और निगरानी की कमी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है। जब सरकारी हॉस्टल और आंगनवाड़ी जैसे संवेदनशील स्थानों पर भी मानकों की अनदेखी होती है, तो यह प्रशासनिक विफलता और आपूर्ति श्रृंखला में भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

"खाद्य सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन की रक्षा है; कृत्रिम रंगों का उपयोग दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।"

ई-कॉमर्स और ढाबों पर गाज

डिजिटल फूड डिलीवरी के दौर में, ई-कॉमर्स खाद्य व्यवसायों के 236 गोदामों की जांच की गई। इनमें से 44 गोदामों के खिलाफ अदालत में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जबकि 8 गोदामों पर अस्वास्थ्यकर स्थितियों के लिए ₹1,97,000 का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, नेलमंगला से हावेरी तक के 99 सड़क किनारे स्थित ढाबों की जांच के बाद ₹3.67 लाख का जुर्माना वसूला गया है।

दूध की शुद्धता की जांच के लिए तमिलनाडु से कर्नाटक आने वाले दूध के नमूनों का भी विश्लेषण किया गया, जिसमें एक नमूना घटिया स्तर का पाया गया। इसके साथ ही, बेंगलुरु के 60 प्रतिष्ठित तीन-सितारा और पांच-सितारा होटलों की भी जांच की गई, जिनमें से 30 को नोटिस जारी किए गए हैं।

श्रेणी निरीक्षण संख्या मुख्य परिणाम
सरकारी हॉस्टल 960 2,416 नमूने एकत्र
ई-कॉमर्स गोदाम 236 44 पर कानूनी कार्रवाई
हाईवे ढाबे 99 ₹3.67 लाख जुर्माना
लक्जरी होटल 60 30 को नोटिस
क्या आप जानते हैं?: भारत में FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) वह मुख्य संस्था है जो पूरे देश में खाद्य मानकों को निर्धारित और नियंत्रित करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. किन खाद्य पदार्थों को असुरक्षित पाया गया?
मुख्य रूप से शॉर्मा, कबाब और कुछ दूध के नमूनों को असुरक्षित या घटिया पाया गया है।

2. क्या केवल छोटे ढाबों पर कार्रवाई हुई?
नहीं, इस अभियान में 5-स्टार होटलों, ई-कॉमर्स गोदामों और सरकारी हॉस्टलों को भी शामिल किया गया है।