गोरखपुर की एक महिला ने आरोप लगाया है कि अंडमान में हनीमून के दौरान पीरियड्स शुरू होने पर उसके पति ने उसके साथ मारपीट की और उसका गला घोंटने की कोशिश की।

  • महिला ने अंडमान हनीमून के दौरान पति द्वारा मारपीट और गला घोंटने का आरोप लगाया।
  • दहेज उत्पीड़न के मामले में 60 लाख रुपये के कैश और सामान का उल्लेख।
  • एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद गोरखपुर में एफआईआर दर्ज की गई।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की एक महिला ने घरेलू हिंसा और मासिक धर्म से जुड़ी रूढ़िवादिता का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने लाया है। महिला ने दिल्ली निवासी अपने पति निखिल मिश्रा पर आरोप लगाया है कि 2023 में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हनीमून के दौरान पीरियड्स आने पर उसने उसके साथ बर्बरता की।

शिकायत के अनुसार, महिला की शादी 30 मई, 2023 को हुई थी। महिला का आरोप है कि शादी से पहले ही ससुराल वालों ने ब्रांडेड सामान की मांग की थी। उसके पिता ने शादी में लगभग 20 लाख रुपये नकद, एक कार और करीब 40 लाख रुपये के अन्य उपहार दिए थे। महिला का दावा है कि दिल्ली जाने के बाद उसे दहेज के लिए ताने दिए गए और अपमानित किया गया।

हनीमून के दौरान की घटना

4 जुलाई, 2023 को जब जोड़ा हनीमून के लिए अंडमान गया, तो महिला को पीरियड्स शुरू हुए, जिससे उसे तेज पेट दर्द और ब्लीडिंग हो रही थी। आरोप है कि इस बात पर पति निखिल मिश्रा आगबबूला हो गया और उसने आरोप लगाया कि महिला ने उसके "मूड को खराब कर दिया" है। महिला का दावा है कि पति ने उसे थप्पड़ मारे, लात-घूंसे बरसाए और उसका गला घोंटने की कोशिश की। होटल के कर्मचारियों ने चिल्लाने की आवाज सुनकर बीच-बचाव किया, तब उसकी जान बची।

"यह मामला दर्शाता है कि मासिक धर्म जैसी प्राकृतिक प्रक्रिया को आज भी समाज के कुछ हिस्सों में हिंसा का आधार बनाया जाता है, जो अत्यंत चिंताजनक है।"

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह घटना केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त गहरी पितृसत्तात्मक सोच का परिणाम है। सबसे गंभीर बात यह है कि घटना 2023 की है, लेकिन एफआईआर 2026 में दर्ज हुई। यह पुलिस प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है कि पीड़िता को न्याय के लिए गोरखपुर एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के हस्तक्षेप का इंतजार करना पड़ा।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली लौटने के बाद उसकी सास और ननद ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। अंततः 14 जुलाई, 2023 को उसे घर से निकाल दिया गया। पीड़िता का कहना है कि उसका दहेज का सामान अभी भी ससुराल वालों के पास है और उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं।

क्या आप जानते हैं?: दुनिया के कई हिस्सों में मासिक धर्म स्वास्थ्य को मानवाधिकार माना जाता है, लेकिन भारत के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में अब भी इसे शर्म या गंदगी से जोड़ा जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: यह घटना कब हुई और एफआईआर कब दर्ज हुई?
यह घटना जुलाई 2023 की है, लेकिन एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद 15 अगस्त, 2026 को एफआईआर दर्ज की गई।

प्रश्न 2: इस मामले में किन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज है?
मुख्य रूप से पति निखिल मिश्रा, साथ ही मानसिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न के लिए सास और ननद के खिलाफ शिकायत दर्ज है।