भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी और मध्य भारत में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।

  • पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तट पर बने दबाव के कारण भारी बारिश की संभावना।
  • ओडिशा और झारखंड के कई हिस्सों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी।
  • पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को पूर्वी और मध्य भारत के बड़े हिस्से में भारी मानसूनी बारिश की चेतावनी जारी की है। तटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर बना एक निम्न दबाव का क्षेत्र अब एक 'डिप्रेशन' (अवसाद) में बदल गया है, जिससे देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है।

IMD के अनुसार, यह सिस्टम अब धीरे-धीरे अंतर्देशीय (inland) क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा, जिससे आने वाले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर 20 सेमी से अधिक की अति भारी बारिश हो सकती है। विशेष रूप से गंगाटिक पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में मौसम सबसे गंभीर रहने की उम्मीद है।

क्षेत्रीय प्रभाव और रेड अलर्ट

ओडिशा के बालासोर और क्योंझर जिलों के साथ-साथ झारखंड के कई हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम बंगाल के पुरबा मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और बांकुरा जिलों में भी अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भारी बारिश का अनुमान है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मानसून के इस चरण में डिप्रेशन का बनना न केवल कृषि के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि शहरी बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ी चुनौती भी है। जब इतनी कम अवधि में 20 सेमी से अधिक बारिश होती है, तो जलभराव (waterlogging) और फ्लैश फ्लड की घटनाएं तेजी से बढ़ती हैं, जिससे परिवहन और जनजीवन पूरी तरह ठप हो सकता है।

"मानसून के दौरान बनने वाले ऐसे डिप्रेशन सिस्टम अक्सर अचानक बाढ़ और भूस्खलन का कारण बनते हैं, जिससे तटीय और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में जोखिम बढ़ जाता है।"

पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। यहाँ भारी बारिश के कारण भूस्खलन और स्थानीय बाढ़ की आशंका है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों और पर्यटन स्थलों पर असर पड़ सकता है।

सप्ताह के उत्तरार्ध में, बारिश का यह बेल्ट धीरे-धीरे पश्चिम की ओर खिसकेगा, जिससे मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में महत्वपूर्ण वर्षा होने की संभावना है। साथ ही, असम, नागालैंड और मणिपुर सहित पूर्वोत्तर राज्यों में भी व्यापक बारिश जारी रहेगी।

क्या आप जानते हैं?: भारत में मानसूनी बारिश का वितरण मुख्य रूप से हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के क्षेत्रों (Low Pressure Areas) द्वारा नियंत्रित होता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: किन राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तर: मुख्य रूप से ओडिशा और झारखंड के कुछ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

प्रश्न 2: इस मौसम प्रणाली का प्रभाव कब तक रहेगा?
उत्तर: यह प्रभाव मंगलवार से शुरू होकर सप्ताह के अंत तक रहेगा, जिसमें बारिश का क्षेत्र धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ेगा।