विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत की युवा पीढ़ी (Gen Z) पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को समाप्त करना चाहती है। साथ ही, भारत ने पाकिस्तान के सिंधु घाटी सभ्यता के उत्तराधिकारी होने के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

  • भारत ने पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को राज्य नीति करार दिया।
  • MEA ने कहा कि भारतीय Gen Z आतंकवाद के अंत की मांग कर रही है।
  • सिंधु घाटी सभ्यता की बहुलवादी विरासत पर पाकिस्तान के दावे को 'बनावटी' बताया गया।
  • अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि फिलहाल स्थगित है।

नई दिल्ली में आयोजित एक द्विसाप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधिर जायसवाल ने पाकिस्तान के प्रति भारत के कड़े रुख को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान दशकों से भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और यह उसकी आधिकारिक राज्य नीति बन चुकी है। भारत ने यह संदेश विशेष रूप से पाकिस्तान की युवा पीढ़ी (Gen Z) के लिए भेजा है, ताकि वे समझ सकें कि भारत के लोग, विशेषकर युवा, इस्लामाबाद की आतंकी गतिविधियों से पूरी तरह अवगत हैं।

यह बयान जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडलर्स द्वारा दिखाए गए कथित समर्थन के बाद आया है। भारतीय अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली यह 'दोस्ती' जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकती और न ही इससे भारत-पाकिस्तान के बीच जमी हुई कूटनीतिक बर्फ पिघलेगी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि भारत अब केवल पारंपरिक कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह 'जनरेशनल वॉरफेयर' और डिजिटल नैरेटिव का उपयोग कर रहा है। पाकिस्तान की युवा पीढ़ी को सीधे संबोधित करना यह दर्शाता है कि भारत अब पाकिस्तान के भीतर सामाजिक चेतना को जगाकर वहां की सरकार पर दबाव बनाना चाहता है।

द्विपक्षीय संबंधों की बात करें तो स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है। अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद, भारत ने एक साहसिक कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को स्थगित कर दिया है। यह कदम इस बात का प्रमाण है कि जब तक जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद समाप्त नहीं होता, भारत किसी भी प्रकार के समझौते के मूड में नहीं है।

"आतंकवाद और सभ्यता का सह-अस्तित्व संभव नहीं है; जो राष्ट्र हिंसा को बढ़ावा देता है, वह प्राचीन शांतिपूर्ण विरासत का दावा नहीं कर सकता।"

संस्कृति और इतिहास के मोर्चे पर, रंधिर जायसवाल ने पाकिस्तान के उस प्रयास पर कड़ा प्रहार किया जिसमें वह खुद को सिंधु घाटी सभ्यता के उत्तराधिकारी के रूप में पेश करता है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा देश जो आतंकवाद का समर्थन करता है, वह सिंधु घाटी जैसी 'बहुलवादी सांस्कृतिक विरासत' का दावा नहीं कर सकता।

MEA प्रवक्ता ने आगे कहा कि अल्पसंख्यकों के संरक्षण और उनके सांस्कृतिक अधिकारों के मामले में पाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। इसी कारण से, सभ्यता के उत्तराधिकारी होने के उनके दावे पूरी तरह से 'बनावटी' और 'निराशाजनक' प्रतीत होते हैं।

क्या आप जानते हैं?: सिंधु घाटी सभ्यता दुनिया की सबसे पुरानी शहरी सभ्यताओं में से एक थी, जो अपनी उन्नत नगर नियोजन और व्यापारिक प्रणालियों के लिए जानी जाती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: भारत ने सिंधु जल संधि को क्यों स्थगित किया?
उत्तर: अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर दबाव बनाने और आतंकवाद के जवाब में यह कदम उठाया।

प्रश्न 2: MEA ने सिंधु घाटी सभ्यता का जिक्र क्यों किया?
उत्तर: पाकिस्तान द्वारा खुद को इस महान सभ्यता का वारिस बताने के दावों को खारिज करने के लिए, क्योंकि उसका वर्तमान मानवाधिकार रिकॉर्ड इस विरासत के विपरीत है।