केरल स्वास्थ्य विभाग ने ओणम सीजन के दौरान खाद्य स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है, जिसमें हजारों छापेमारी की गई और उल्लंघन करने वालों को नोटिस जारी किए गए।
- 27 जुलाई से केरल भर में 5,000 से अधिक खाद्य सुरक्षा जांच की गईं।
- FSSAI नियमों के उल्लंघन पर 705 ऑपरेटरों को नोटिस और 390 आउटलेट्स पर जुर्माना।
- पपदम, गुड़, नारियल तेल और घी जैसे पारंपरिक ओणम खाद्य पदार्थों पर विशेष ध्यान।
- ऑपरेटरों के प्रशिक्षण के लिए 'ईट राइट केरलम - सेफ ओणम' पहल की शुरुआत।
राज्य के सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उत्सवों में से एक के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए, केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने खाद्य सुरक्षा निरीक्षणों में भारी वृद्धि की घोषणा की है। जैसे-जैसे ओणम का मौसम करीब आ रहा है, खाद्य सुरक्षा विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है कि लाखों लोगों को परोसा जाने वाला पारंपरिक भोजन स्वच्छ और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो।
27 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। अब तक, अधिकारियों ने राज्य भर में 5,000 से अधिक निरीक्षण किए हैं। इस कार्रवाई का पैमाना प्रवर्तन कार्यों से स्पष्ट है: खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम का उल्लंघन करने पर 705 खाद्य व्यवसाय ऑपरेटरों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 390 से अधिक आउटलेट्स पर तत्काल जुर्माना लगाया गया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पारंपरिक 'ओणम सद्या' की मांग में वृद्धि अक्सर उच्च-मांग वाली सामग्रियों में मिलावट का कारण बनती है। नारियल तेल, घी और गुड़ की आपूर्ति श्रृंखला को लक्षित करके, सरकार उन बड़े पैमाने पर खाद्य विषाक्तता (food poisoning) की घटनाओं को रोकने का प्रयास कर रही है जो आमतौर पर उत्सव के मौसम में होती हैं, जब अनियमित क्लाउड किचन और कैटरिंग यूनिट्स में उत्पादन तेजी से बढ़ाया जाता है।
विशेष स्क्वाड अब खाद्य पैकेजिंग की तकनीकी बारीकियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। निरीक्षक विनिर्माण तिथियों, समाप्ति तिथियों, बैच नंबरों और सामग्री घोषणाओं के लिए लेबल की जांच कर रहे हैं। कच्चे माल के नमूने व्यवस्थित रूप से एकत्र किए जा रहे हैं और अशुद्धियों या प्रतिबंधित एडिटिव्स का पता लगाने के लिए कठोर रासायनिक विश्लेषण हेतु प्रयोगशालाओं में भेजे जा रहे हैं।
"त्योहारों की भारी मांग के दौरान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल जुर्माने के बारे में नहीं है, बल्कि खाद्य विक्रेताओं के बीच जवाबदेही की संस्कृति स्थापित करने के बारे में है।"
इस अभियान का दायरा भौतिक दुकानों से आगे तक फैला हुआ है। खाद्य सुरक्षा विंग अब डिजिटल अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर रही है, विशेष रूप से क्लाउड किचन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जो भोजन के पैकेट वितरित कर रहे हैं। इन संस्थाओं का तापमान नियंत्रण, भंडारण स्थितियों और वितरण स्वच्छता के लिए ऑडिट किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऑनलाइन ऑर्डर की सुविधा उपभोक्ता सुरक्षा से समझौता न करे।
प्रवर्तन अभियान के पूरक के रूप में, सरकार ने “ईट राइट केरलम – सेफ ओणम” पहल शुरू की है। यह कार्यक्रम बेकरी मालिकों, होटल ऑपरेटरों और कैटरिंग कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण प्रशिक्षण और जागरूकता कक्षाएं प्रदान करता है, जो खराब होने वाली वस्तुओं के सुरक्षित रखरखाव और भंडारण पर केंद्रित हैं।
| फोकस क्षेत्र | निरीक्षण मानदंड | लक्षित संस्थाएं |
|---|---|---|
| कच्चा माल | शुद्धता, मिलावट, लैब टेस्टिंग | घी, नारियल तेल, गुड़ |
| पैकेजिंग | एक्सपायरी, बैच नंबर, FSSAI लाइसेंस | पैकेज्ड गुड्स, बेकरी |
| डिजिटल डिलीवरी | तापमान नियंत्रण, स्वच्छता, भंडारण | क्लाउड किचन, डिलीवरी ऐप्स |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: 'ईट राइट केरलम' पहल क्या है?
यह सरकार द्वारा संचालित एक जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम है जिसे विशेष रूप से ओणम सीजन के लिए खाद्य व्यवसाय ऑपरेटरों को स्वच्छता और सुरक्षा मानकों के बारे में शिक्षित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
प्रश्न 2: किन खाद्य पदार्थों की सबसे सख्ती से निगरानी की जा रही है?
अधिकारी मुख्य रूप से नारियल तेल, घी, गुड़ और पपदम पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, क्योंकि ये उत्सव की दावत के मुख्य घटक हैं।