एक पोलिंग कंपनी ने स्वीकार किया है कि मेयर करेन बास को काउंसिल सदस्य निथ्या रमन पर दो अंकों की बढ़त दिखाने वाला डेटा पूरी तरह से फर्जी था। कंपनी का दावा है कि यह एक 'सोशल एक्सपेरिमेंट' था ताकि यह देखा जा सके कि गलत जानकारी कैसे फैलती है।
- मीडियन स्ट्रेटजीज ने स्वीकार किया कि LA मेयर चुनाव का पोल फर्जी था और वास्तविक डेटा पर आधारित नहीं था।
- इस 'प्रयोग' का उद्देश्य यह देखना था कि बिना सत्यापन के पोलिंग डेटा मीडिया में कैसे फैलता है।
- मेयर करेन बास ने पोस्ट हटाने से पहले X पर इन परिणामों का स्वागत किया था।
- फर्जी पोल में दावा किया गया था कि बास, रमन से 12 प्रतिशत अंकों से आगे हैं।
लॉस एंजिल्स के राजनीतिक परिदृश्य में एक चौंकाने वाले खुलासे में, मीडियन स्ट्रेटजीज नामक एक नई पोलिंग फर्म ने स्वीकार किया है कि मेयर करेन बास और काउंसिल सदस्य निथ्या रमन के बीच मेयर चुनाव को लेकर उनका हालिया सर्वेक्षण पूरी तरह से फर्जी था। इस पोल में मेयर बास को भारी बढ़त दिखाई गई थी और इसे 560 मतदाताओं के अध्ययन के रूप में पेश किया गया था, लेकिन बाद में यह एक सोची-समझी साजिश निकली।
कंपनी ने लॉस एंजिल्स टाइम्स को भेजे एक ईमेल में कहा कि यह पूरा ऑपरेशन एक "अल्पकालिक सामाजिक प्रयोग" (short term social experiment) था। फर्म के अनुसार, इसका लक्ष्य राजनीतिक सूचना तंत्र की कमजोरियों की जांच करना और यह देखना था कि कैसे कथित पोलिंग डेटा बिना किसी स्वतंत्र सत्यापन के स्वीकार कर लिया जाता है। यह स्वीकारोक्ति तब आई जब कई समाचार आउटलेट्स और राजनीतिक अभियानों ने इस फर्जी डेटा को अपनी खबरों में शामिल कर लिया था।
यह महत्वपूर्ण क्यों है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना आधुनिक राजनीतिक पत्रकारिता की एक गंभीर खामी को उजागर करती है: उन डिजिटल-फर्स्ट पोलिंग फर्मों पर निर्भरता जिनका कोई पारदर्शी ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है। जब कैलिफोर्निया पोस्ट जैसे समाचार आउटलेट ने इस फर्जी पोल को बढ़ावा दिया, तो इसने सरकार के उच्चतम स्तर तक प्रभाव डाला, जिससे यह साबित हुआ कि 'तथ्यों की जांच' से ज्यादा 'मोमेंटम' और 'सनसनी' को महत्व दिया जा रहा है।
फर्जी डेटा ने विशेष रूप से एक सूक्ष्म राजनीतिक कोण को लक्षित किया, जिसमें दावा किया गया कि स्पेंसर प्रैट का समर्थन करने वाले 85% मतदाता अब बास की ओर झुक रहे हैं। विवरण की इस गहराई ने पोल को विश्वसनीय बना दिया, जिससे मेयर बास ने स्वयं सोशल मीडिया पर इसे साझा किया, हालांकि बाद में उस पोस्ट को हटा दिया गया।
'सोशल एक्सपेरिमेंट' के नाम पर फर्जी डेटा का उपयोग करना लोकतांत्रिक पारदर्शिता और मतदाता विश्वास की नींव को खतरे में डालता है।
मीडियन स्ट्रेटजीज द्वारा गलत डेटा देने का यह पहला मामला नहीं था। इस फर्म ने पहले विस्कॉन्सिन गवर्नर चुनाव के संबंध में एक पोल जारी किया था, जिसमें डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट फ्रांसेस्का होंग की बढ़त को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया था। जबकि कंपनी ने उस गलती को डेटा की कमी बताया था, LA की घटना एक जानबूझकर किए गए धोखे को उजागर करती है।
| विशेषता | दावा किया गया डेटा | वास्तविक स्थिति |
|---|---|---|
| सैंपल साइज | 560 LA मतदाता | शून्य (फर्जी) |
| बास की बढ़त | ~12 प्रतिशत अंक | अज्ञात/फर्जी |
| उद्देश्य | चुनाव पूर्वानुमान | सामाजिक प्रयोग |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: मीडियन स्ट्रेटजीज क्या है?
उत्तर: यह एक छोटी संस्था है जिसने अगस्त 2026 में सोशल मीडिया पर पोस्ट करना शुरू किया और खुद को गैर-पक्षपाती पोलिंग फर्म बताया, लेकिन बाद में फर्जी डेटा के साथ प्रयोग करने की बात स्वीकार की।
प्रश्न: बास अभियान ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने एक समाचार आउटलेट की रिपोर्ट पर भरोसा किया और चुनावों को प्रभावित करने के ऐसे प्रयासों की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की।