मिल्मा के तिरुवनंतपुरम क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (TRCMPU) ने ओणम के अवसर पर किसानों और डेयरी सहकारी समितियों को 3.66 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन वितरित किया है। इस पहल से केरल के चार प्रमुख जिलों के हजारों डेयरी उत्पादक लाभान्वित हुए हैं।

  • कुल 3.66 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन वितरण।
  • तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा और अलाप्पुझा जिलों के किसान लाभान्वित।
  • जुलाई 2026 में एकत्रित दूध पर ₹5 प्रति लीटर का अतिरिक्त प्रोत्साहन।

केरल के डेयरी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मिल्मा के तिरुवनंतपुरम क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (TRCMPU) ने ओणम त्योहार के उपलक्ष्य में किसानों और सहकारी समितियों के लिए एक विशेष वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है। संघ द्वारा कुल 3.66 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है, जिसका उद्देश्य त्योहार के मौसम में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना और डेयरी किसानों के मनोबल को बढ़ाना है।

प्रशासक सिनिला उन्नीकृष्णन के अनुसार, यह प्रोत्साहन विशेष रूप से जुलाई 2026 के दौरान एकत्रित किए गए दूध की मात्रा पर आधारित है। प्रोत्साहन की संरचना को इस तरह तैयार किया गया है कि इसका लाभ सीधे उत्पादक और संस्था दोनों तक पहुंचे। प्रति लीटर दूध पर ₹5 का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया गया है, जिसे तीन भागों में विभाजित किया गया है: ₹3 सीधे किसानों को, ₹1 सहकारी समितियों को, और ₹1 समितियों के अतिरिक्त शेयर के रूप में जमा किया गया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such targeted incentives during festive seasons like Onam act as a critical safety net for small-scale dairy farmers. By distributing the incentive between the farmer and the society's reserves, TRCMPU is not only providing immediate liquidity but also ensuring the long-term financial sustainability of the cooperative infrastructure in Kerala.

"Strategic festive bonuses in the dairy sector encourage farmers to maintain high production levels and strengthen their loyalty toward cooperative unions."

ऐतिहासिक रूप से, केरल में मिल्मा ने राज्य के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सहकारी मॉडल के माध्यम से, इसने बिचौलियों को हटाकर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने का प्रयास किया है। यह वर्तमान प्रोत्साहन उसी परंपरा का हिस्सा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि डेयरी फार्मिंग एक व्यवहार्य व्यवसाय बना रहे।

प्राप्तकर्ताप्रति लीटर प्रोत्साहन (₹)उद्देश्य
किसान3प्रत्यक्ष आय वृद्धि
सहकारी समिति1परिचालन लागत
सोसाइटी शेयर1दीर्घकालिक बचत
क्या आप जानते हैं?: मिल्मा केरल का सबसे बड़ा सहकारी डेयरी ब्रांड है, जो राज्य के लाखों किसानों को एक एकीकृत बाजार नेटवर्क से जोड़ता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यह प्रोत्साहन किन जिलों के किसानों के लिए है?
उत्तर: यह प्रोत्साहन तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा और अलाप्पुझा जिलों के किसानों के लिए है।

प्रश्न 2: प्रोत्साहन की गणना किस आधार पर की गई है?
उत्तर: यह जुलाई 2026 में एकत्रित किए गए दूध के प्रति लीटर पर ₹5 की दर से गणना की गई है।