पूर्वोत्तर मानसून से पहले चेंगलपट्टु और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में 10,000 से अधिक जलमार्गों और 800 से अधिक झीलों की गाद निकालने और बहाली का काम शुरू किया गया है।
- ₹500 करोड़ के बजट से 10,185 जलमार्गों और 809 झीलों का पुनरुद्धार।
- मुख्य उद्देश्य भूजल स्तर में सुधार और मानसून के दौरान बाढ़ को रोकना है।
- यह परियोजना 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन' (VB-G RAM G) के तहत लागू है।
ग्रामीण विकास और जल संसाधन मंत्री एन. आनंद ने सोमवार को चेंगलपट्टु जिले के नेदुंकुंड्रम ग्राम पंचायत में पुथुर झील के इनलेट चैनल को चौड़ा करने के कार्य का औपचारिक उद्घाटन किया। यह पहल ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सरकार द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूर्वोत्तर मानसून के आगमन से पहले लगभग 10,185 जलमार्गों, सिंचाई नहरों और उनसे जुड़ी 809 झीलों और तालाबों की गाद निकालने (desilting) और उनकी बहाली के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। इस पूरी परियोजना के लिए कुल ₹500 करोड़ का भारी बजट आवंटित किया गया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, तमिलनाडु जैसे राज्यों में मानसून के दौरान अचानक आने वाली बाढ़ एक गंभीर समस्या रही है। जल निकायों की गाद निकालने से न केवल उनकी जल धारण क्षमता बढ़ती है, बल्कि यह कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्रों को जलमग्न होने से भी बचाता है। इसके अलावा, यह ग्रामीण क्षेत्रों में गिरते भूजल स्तर को रिचार्ज करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
"जल निकायों का समय पर पुनरुद्धार न केवल आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ यानी कृषि के लिए जीवनदान है।"
विशेष रूप से चेंगलपट्टु जिले की बात करें तो, यहाँ ₹3.19 करोड़ की लागत से 52 नए तालाबों और ₹20.12 करोड़ की लागत से 447 जलमार्गों के लिए मंजूरी दी गई है। इस कार्यक्रम में मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री डी. सरथकुमार और जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
ऐतिहासिक रूप से, तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक तालाबों और नहरों के नेटवर्क ने सदियों से सिंचाई की जरूरतों को पूरा किया है। हालांकि, गाद जमा होने और अतिक्रमण के कारण इनकी क्षमता कम हो गई थी, जिसे अब VB-G RAM G मिशन के माध्यम से ठीक किया जा रहा है।
| क्षेत्र/श्रेणी | लक्ष्य/संख्या | कुल अनुमानित लागत |
|---|---|---|
| कुल जलमार्ग और नहरें | 10,185 | ₹500 करोड़ (समग्र) |
| कुल झीलें और तालाब | 809 | ₹500 करोड़ (समग्र) |
| चेंगलपट्टु नए तालाब | 52 | ₹3.19 करोड़ |
| चेंगलपट्टु जलमार्ग | 447 | ₹20.12 करोड़ |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य मानसून से पहले जल निकायों की क्षमता बढ़ाना, बाढ़ को रोकना और भूजल स्तर में सुधार करना है।
प्रश्न 2: यह कार्य किस सरकारी योजना के अंतर्गत किया जा रहा है?
उत्तर: यह कार्य 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन' (VB-G RAM G) के तहत किया जा रहा है।