कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने UGC-NET की तीन महत्वपूर्ण परीक्षाओं के रद्द होने पर प्रधानमंत्री मोदी और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे छात्रों के साथ अन्याय और शिक्षा व्यवस्था की विफलता करार दिया है।
मुख्य बातें
- NTA ने इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की UGC-NET परीक्षाएं रद्द कीं।
- राहुल गांधी ने NTA को 'शोषण की मशीन' बताते हुए जवाबदेही की मांग की।
- री-एग्जाम 9 और 10 सितंबर 2026 को आयोजित किए जाएंगे।
- पेपर लीक की आशंका और गलत पेपर सेट करने के आरोपों ने विवाद बढ़ा दिया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट जून 2026 की तीन प्रमुख परीक्षाओं—इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी—के रद्द होने पर केंद्र की मोदी सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर जोरदार हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि NTA की गलतियों की सजा मासूम छात्रों को भुगतनी पड़ रही है।
राहुल गांधी ने गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या ये पेपर पहले ही लीक हो गए थे? उन्होंने आरोप लगाया कि यह शिक्षा व्यवस्था अब केवल एक 'एक्सट्रैक्शन मशीन' (शोषण का तंत्र) बन चुकी है, जो छात्रों से उनका पैसा, समय, मानसिक शांति और आत्मविश्वास छीन लेती है, लेकिन बदले में न तो उचित शिक्षा देती है और न ही नौकरी।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटना केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि भारत की प्रतिस्पर्धी परीक्षा प्रणाली में गहरे संकट को दर्शाती है। जब देश के लाखों युवा अपने भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, तब परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की ऐसी लापरवाही उनके करियर और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है। यह मुद्दा अब केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का बन गया है।
"परीक्षाओं का बार-बार रद्द होना और पेपर लीक की खबरें छात्रों के बीच गहरे अविश्वास और अवसाद को जन्म देती हैं, जो राष्ट्र के बौद्धिक भविष्य के लिए घातक है।"
NTA ने अपने आधिकारिक नोटिस में स्वीकार किया है कि इन तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, अनुवाद और टाइपिंग की गंभीर गलतियां थीं और पुराने प्रश्नों का दोहराव हुआ था। इसी कारण री-एग्जाम की तारीखें तय की गई हैं।
| विषय | री-एग्जाम तिथि | शिफ्ट |
|---|---|---|
| अंग्रेजी (English) | 9 सितंबर 2026 | शिफ्ट 1 |
| कॉमर्स (Commerce) | 9 सितंबर 2026 | शिफ्ट 2 |
| सोशियोलॉजी (Sociology) | 10 सितंबर 2026 | शिफ्ट 1 |
राहुल गांधी ने मांग की है कि केवल धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि NTA के शीर्ष नेतृत्व की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रधानमंत्री मोदी इस विफलता पर जवाब नहीं देते, उनका विरोध जारी रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या री-एग्जाम के लिए छात्रों को दोबारा फीस देनी होगी?
नहीं, NTA ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
2. क्या अन्य विषयों के परिणामों पर इसका असर पड़ेगा?
नहीं, अन्य 84 विषयों के परिणाम और ई-प्रमाण पत्र निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही जारी किए जाएंगे।