एक RTI आवेदन के माध्यम से यह खुलासा हुआ है कि 2007 के बाद से भारत के विभिन्न रेल मंत्रियों ने चार्टर्ड उड़ानों पर लगभग 8.9 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। डेटा से पता चलता है कि सुरेश प्रभु सबसे महंगे यात्री थे, जबकि लालू प्रसाद यादव ने सबसे अधिक बार इस सुविधा का उपयोग किया।
- 2007 से अब तक 11 रेल मंत्रियों ने 33 चार्टर्ड उड़ानों पर ₹8.9 करोड़ खर्च किए।
- सुरेश प्रभु का औसत खर्च सबसे अधिक था, जिन्होंने मात्र 4 उड़ानों में ₹3.01 करोड़ खर्च किए।
- लालू प्रसाद यादव ने सबसे अधिक 12 बार चार्टर्ड उड़ानों का उपयोग किया।
- हाल के वर्षों में उड़ानों के विवरण 'आधिकारिक' कहकर अस्पष्ट कर दिए गए हैं।
भारत के रेल मंत्रालय द्वारा एक RTI आवेदन के जवाब में यह चौंकाने वाला विवरण सामने आया है कि पिछले 16 वर्षों में सार्वजनिक धन का उपयोग करके रेल मंत्रियों ने विलासितापूर्ण चार्टर्ड उड़ानों का सहारा लिया। 2007 से अब तक कुल 33 उड़ानों के लिए 8.90 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। यह खर्च न केवल भारी है, बल्कि रिकॉर्ड्स की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाता है।
खर्च का विश्लेषण: कौन था सबसे बड़ा 'स्पेंडर'?
आंकड़ों के अनुसार, पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने दूरी और आवृत्ति के मामले में सबसे अधिक चार्टर्ड सुविधाओं का उपयोग किया। उन्होंने 12 बार इन उड़ानों का लाभ उठाया, जो कुल उड़ानों के एक तिहाई से अधिक है। हालांकि, वित्तीय बोझ के मामले में सुरेश प्रभु सबसे ऊपर रहे। प्रभु ने केवल 4 मौकों पर (कुल 13 दिन) चार्टर्ड उड़ानों का उपयोग किया, लेकिन उनका कुल बिल ₹3.01 करोड़ था, जो प्रति अवसर लगभग ₹75 लाख बैठता है।
| मंत्री | उड़ानों की संख्या | कुल खर्च (लगभग) | विशेषता |
|---|---|---|---|
| लालू प्रसाद यादव | 12 | - | सर्वाधिक बार उपयोग |
| सुरेश प्रभु | 4 | ₹3.01 करोड़ | सबसे महंगा औसत खर्च |
| अश्विनी वैष्णव | 1 | ₹25 लाख | न्यूनतम उपयोग (2021 के बाद) |
क्यों हुआ यह खर्च?
इन उड़ानों के पीछे मुख्य कारण ट्रेन दुर्घटनाएं, बाढ़ और उद्घाटन समारोह रहे हैं। उदाहरण के लिए, 2008 की बिहार बाढ़ के दौरान लालू प्रसाद यादव ने कोसी तटबंध के निरीक्षण और हवाई सर्वेक्षण के लिए कई बार चार्टर्ड विमानों का उपयोग किया। इसी तरह, वर्तमान मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2023 के बालासोर ट्रेन हादसे के समय केवल एक बार चार्टर्ड उड़ान ली थी।
BozokMedia analysis shows that there is a concerning trend of decreasing transparency in government spending. While early records (like those of Lalu Prasad) were meticulously detailed, later entries under Suresh Prabhu and Piyush Goyal are vaguely labeled as 'official' or 'various official programmes'. This lack of granularity in public spending records hinders accountability.
"The transition from IAF-operated flights to IRCTC-booked private charters indicates a shift toward commercialization of official travel, often bypassing the strict auditing of military logistics."
एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि पहले इन उड़ानों के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) के विमानों का उपयोग किया जाता था, लेकिन 2018 के बाद से पीयूष गोयल के कार्यकाल में IRCTC के माध्यम से निजी चार्टर बुक करने का चलन बढ़ा है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: किस रेल मंत्री ने सबसे अधिक पैसे खर्च किए?
उत्तर: सुरेश प्रभु ने सबसे अधिक खर्च किया, जिन्होंने 4 उड़ानों में ₹3.01 करोड़ खर्च किए।
प्रश्न 2: क्या वर्तमान रेल मंत्री ने भी चार्टर्ड उड़ान ली?
उत्तर: हाँ, अश्विनी वैष्णव ने 2023 के बालासोर हादसे के दौरान एक बार चार्टर्ड उड़ान ली, जिसकी लागत ₹25 लाख थी।