उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की एक महिला ने आरोप लगाया है कि अंडमान में हनीमून के दौरान पीरियड्स शुरू होने पर उसके पति ने उसका गला घोंटकर मारने की कोशिश की। इस मामले में दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।

  • पीरियड्स शुरू होने पर पति ने पत्नी पर हमला किया और गला घोंटने की कोशिश की।
  • पीड़िता ने ₹60 लाख और एक कार के दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
  • गोरखपुर में पति, सास और ननद के खिलाफ एफआईआर दर्ज।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। रामगढ़ ताल क्षेत्र की एक महिला ने अपने पति, निखिल मिश्रा (निवासी दिल्ली), पर हनीमून के दौरान जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में छुट्टियां मनाते समय जब उसे मासिक धर्म (पीरियड्स) शुरू हुआ, तो उसका पति हिंसक हो गया।

शिकायत के मुताबिक, दोनों की शादी 30 मई 2023 को हुई थी। 4 जुलाई को जब वे हनीमून के लिए अंडमान गए, तो महिला को पेट में तेज दर्द और भारी रक्तस्राव हुआ। आरोप है कि पति इस बात से नाराज हो गया कि उसने उसे पीरियड्स के बारे में पहले क्यों नहीं बताया। इसके बाद उसने महिला के साथ मारपीट की और उसका गला घोंटने का प्रयास किया। पीड़िता की जान तब बची जब होटल के कर्मचारियों ने उसकी चीखें सुनीं और बीच-बचाव किया।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह घटना केवल घरेलू हिंसा का मामला नहीं है, बल्कि यह समाज में मासिक धर्म से जुड़ी गहरी रूढ़ियों और दहेज की कुप्रथा को दर्शाती है। जब एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया को हत्या के प्रयास का कारण बनाया जाता है, तो यह लैंगिक संवेदनशीलता की भारी कमी को उजागर करता है।

हनीमून की इस घटना के अलावा, महिला ने दहेज उत्पीड़न का भी खुलासा किया है। पीड़िता का दावा है कि ₹20 लाख नकद, एक कार और ₹40 लाख के सामान देने के बावजूद, उसकी सास संजू मिश्रा और ननद नेहा पांडे ने उसे 'ब्रांडेड सामान' न लाने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इसी प्रताड़ना के चलते शादी के मात्र 45 दिनों बाद, 14 जुलाई 2023 को उसे ससुराल से निकाल दिया गया।

घरेलू हिंसा अक्सर सांस्कृतिक मुखौटों के पीछे छिपी होती है, लेकिन जैविक प्रक्रियाओं को हिंसा का आधार बनाना घोर स्त्री-द्वेष का संकेत है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसके पिता ने विवाद सुलझाने की कोशिश की, तो उनका अपमान किया गया। महिला ने कहा कि स्थानीय पुलिस ने शुरू में उसकी शिकायतों को नजरअंदाज किया। अंततः गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ के हस्तक्षेप के बाद 15 अगस्त को एफआईआर दर्ज की गई।

क्या आप जानते हैं?: दुनिया के कई हिस्सों में मासिक धर्म को लेकर आज भी सामाजिक वर्जनाएं हैं, लेकिन अब कानूनी ढांचे 'जेंडर-बेस्ड वायलेंस' के तहत ऐसी हिंसा को गंभीरता से ले रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एफआईआर में किन लोगों का नाम है?
एफआईआर पति निखिल मिश्रा, सास संजू मिश्रा और ननद नेहा पांडे के खिलाफ दर्ज की गई है।

दहेज के रूप में कितनी राशि देने का दावा किया गया है?
पीड़िता के अनुसार, उसके परिवार ने ₹20 लाख नकद, एक कार और ₹40 लाख के आभूषण/सामान दिए थे।