पहलगाम नरसंहार के बाद भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ एक व्यापक और आक्रामक अभियान छेड़ दिया है। ऑपरेशन महादेव से लेकर शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खात्मे तक, सुरक्षा बलों ने दर्जनों मिशनों के जरिए आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
- पहलगाम हमले के बाद से अब तक सेना ने लगभग 34 बड़े आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन चलाए हैं।
- 'ऑपरेशन महादेव' के तहत पहलगाम हमले के मुख्य दोषियों को ढेर किया गया।
- शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई में 253 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
- सुरक्षा बल अब ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक का उपयोग कर आतंकियों को ट्रैक कर रहे हैं।
जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खिलाफ एक अभूतपूर्व और निरंतर अभियान शुरू किया है। अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद, भारतीय सेना ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। विशेष रूप से 'ऑपरेशन महादेव' के बाद से, चिनार कोर और व्हाइट नाइट कोर ने मिलकर कश्मीर और जम्मू के विभिन्न क्षेत्रों में दर्जनों महत्वपूर्ण मिशनों को अंजाम दिया है।
सैन्य रिकॉर्ड के विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति है जिसका उद्देश्य घुसपैठ को रोकना, हथियारों के भंडार को नष्ट करना और पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क की कमर तोड़ना है। हाल ही में शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ की गई कार्रवाई ने इस अभियान को एक नई दिशा दी है, जिसमें 14 राज्यों में 80 से अधिक एफआईआर के तहत 253 कथित आतंकियों को पकड़ा गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह अभियान सुरक्षा बलों की 'दो-स्तरीय ग्रिड' रणनीति को दर्शाता है। पहला स्तर नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ को रोकना है, और दूसरा स्तर आंतरिक क्षेत्रों (Hinterland) में सक्रिय स्लीपर सेल और लॉजिस्टिक नेटवर्क को खत्म करना है। यह रणनीति आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाने बनाने से पहले ही उन्हें नष्ट करने पर केंद्रित है।
आतंकवाद के विरुद्ध यह अभियान अब केवल सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आतंकवाद के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को लक्षित कर रहा है।
ऑपरेशन महादेव की शुरुआत जुलाई 2025 में हुई थी, जिसका मुख्य लक्ष्य पहलगाम हमले के दोषियों को ढूंढना था। डचगम क्षेत्र में एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया। इसके बाद से, कुपवाड़ा, उरी और शोपियां जैसे क्षेत्रों में लगातार ऑपरेशन जारी रहे। शोपियां में 'ऑपरेशन चित्रगाम' के दौरान सुरक्षा बलों ने एक 14.5 किलोग्राम का आईईडी (IED) बरामद किया, जो एक बड़ी साजिश को नाकाम करने में सफल रहा।
जम्मू क्षेत्र में, व्हाइट नाइट कोर ने किश्तवाड़, पुंछ और राजौरी में कड़ी कार्रवाई की है। किश्तवाड़ में 'ऑपरेशन ट्राशी-I' के दौरान महीनों तक चले संघर्ष के बाद जैश-ए-मोहम्मद के सात आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिसमें कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल था। सेना अब इस अभियान में ड्रोन, यूएवी (UAV) और सैटेलाइट इमेजरी जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग कर रही है ताकि दुर्गम इलाकों में छिपे आतंकियों का सटीक पता लगाया जा सके।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ऑपरेशन महादेव क्या था?
उत्तर: यह अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के जवाब में चलाया गया एक विशेष सैन्य अभियान था, जिसका उद्देश्य हमलावरों को ढूंढकर उन्हें खत्म करना था।
प्रश्न 2: शाहजाद भट्टी नेटवर्क क्या है?
उत्तर: यह पाकिस्तान से जुड़ा एक आतंकी नेटवर्क है, जिसके खिलाफ हाल ही में भारत के 14 राज्यों में बड़ी छापेमारी की गई है।