कोच्चि नगर निगम में बायोमेडिकल कचरा संग्रह के लिए सब्सिडी को सीमित करने के यूडीएफ (UDF) प्रशासन के फैसले के बाद एलडीएफ (LDF) विपक्ष के साथ तीखा विवाद शुरू हो गया है।
- यूनिवर्सल बायोमेडिकल वेस्ट सब्सिडी ₹28/किग्रा से घटाकर ₹8/किग्रा की गई।
- अब सब्सिडी केवल बिस्तर पर पड़े मरीजों, मानसिक रूप से दिव्यांगों और अत्यंत गरीबों तक सीमित होगी।
- LDF ने नई कंपनी 'सक्सेस प्रोजेक्ट्स' की परिचालन विफलताओं का आरोप लगाया है।
- मेयर वी.के. मिनिमोल के खिलाफ LDF ने विरोध प्रदर्शन और धरने डाले।
कोच्चि नगर निगम वर्तमान में बायोमेडिकल कचरा संग्रह के लिए सब्सिडी ढांचे में बदलाव को लेकर सत्तारूढ़ यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और विपक्षी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के बीच एक राजनीतिक युद्ध का मैदान बन गया है। प्रशासन ने यूनिवर्सल सब्सिडी मॉडल को हटाकर एक लक्षित दृष्टिकोण अपनाने का निर्णय लिया है, जिससे प्रशासनिक अराजकता और राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो गई है।
पिछली व्यवस्था के तहत, निगम ₹28 प्रति किलोग्राम की यूनिवर्सल सब्सिडी प्रदान करता था, जिससे सभी निवासियों के लिए लागत कम रहती थी। हालांकि, 1 अगस्त से इसे घटाकर ₹8 प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। सितंबर से, यह शेष सब्सिडी आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं होगी; इसके बजाय, यह केवल पात्र श्रेणियों, जिनमें बिस्तर पर पड़े लोग, मानसिक रूप से दिव्यांग और अत्यधिक गरीब शामिल हैं, तक सीमित होगी। इस लाभ को प्राप्त करने के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा।
परिचालन स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। निगम ने पिछली फर्मों 'आकरी' और 'सुचिगो' को हटाकर सक्सेस प्रोजेक्ट्स को नियुक्त किया है, जो रेडको केरल लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है। नई शुल्क संरचना के तहत, सब्सिडी वाली दर ₹8 प्रति किलोग्राम (प्लस जीएसटी) है, जबकि बिना सब्सिडी वाले निवासियों को ₹20 प्रति किलोग्राम और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ₹45 प्रति किलोग्राम का शुल्क देना होगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल कचरा प्रबंधन के बारे में नहीं है, बल्कि शहरी शासन में सामाजिक कल्याण बनाम वित्तीय मितव्ययिता के बीच एक गहरे वैचारिक संघर्ष को दर्शाता है। यूनिवर्सल सब्सिडी से लक्षित सब्सिडी की ओर बढ़कर, UDF नगर निगम के वित्तीय बोझ को कम करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन LDF इसे आम नागरिक के किफायती स्वास्थ्य अपशिष्ट निपटान के अधिकार पर हमला बता रहा है।
शहरी कचरा प्रबंधन में यूनिवर्सल से लक्षित सब्सिडी की ओर संक्रमण अक्सर स्थिरता आने से पहले शुरुआती प्रणालीगत झटके और राजनीतिक घर्षण पैदा करता है।
LDF के संसदीय पार्टी नेता वी.ए. श्रीजीत ने आरोप लगाया है कि नई फर्म, सक्सेस प्रोजेक्ट्स, पूरी तरह से अप्रस्तुत है। आरोपों में संग्रह की तारीखों का बार-बार बदलना, वाहनों की कमी और प्रतिबद्ध मात्रा से कम कचरा इकट्ठा करना शामिल है। कथित तौर पर इस विफलता के कारण निगम को सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट को रोकने के लिए अपने स्वयं के वाहनों को तैनात करना पड़ा।
जवाब में, स्वास्थ्य स्थायी समिति की अध्यक्ष सीना गोकुलन ने स्वीकार किया कि वाहनों की कमी के कारण शुरुआती समस्याएं आईं, लेकिन आश्वासन दिया कि सप्ताह के अंत तक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित कर लिया जाएगा। वहीं, UDF पार्षद हेनरी ऑस्टिन ने निगम के वाहनों के उपयोग का बचाव करते हुए कहा कि ये वाहन पहले से उपलब्ध थे लेकिन अप्रयुक्त पड़े थे।
| श्रेणी | पिछला शुल्क/सब्सिडी | नया शुल्क (सब्सिडी के साथ) | नया शुल्क (बिना सब्सिडी) |
|---|---|---|---|
| घरेलू कचरा | ₹28 सब्सिडी (यूनिवर्सल) | ₹8 प्रति किग्रा (+GST) | ₹20 प्रति किग्रा |
| व्यावसायिक कचरा | ₹40 प्रति किग्रा | लागू नहीं | ₹45 प्रति किग्रा |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कोच्चि में नए बायोमेडिकल कचरा सब्सिडी के लिए कौन पात्र है?
सब्सिडी अब केवल बिस्तर पर पड़े मरीजों, मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों और अत्यंत गरीबों के लिए उपलब्ध है, जो आवेदन प्रक्रिया के बाद स्वीकृत होंगे।
वर्तमान में कचरा संग्रह का कार्य कौन सी कंपनी कर रही है?
रेडको केरल लिमिटेड की सहायक कंपनी 'सक्सेस प्रोजेक्ट्स' ने संग्रह प्रक्रिया का कार्यभार संभाला है।